Nazam Poetry (page 116)
दाग़िस्तानी ख़ातून और शाएर बेटा
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
'शोपीं' का नग़्मा बजता है
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
चंद रोज़ और मिरी जान
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
बुनियाद कुछ तो हो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
बोल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ब्लैक-आउट
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
भाई
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ब-नोक-ए-शमशीर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
बहार आई
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ब'अद-अज़-वक़्त
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अगस्त1955
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अगस्त-1952
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अश्गाबाद की शाम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अंजाम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ शाम मेहरबाँ हो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ रौशनियों के शहर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ हबीब-ए-अम्बर-दस्त!
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ दिल-ए-बेताब ठहर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अफ़्रीक़ा कम-बैक
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आरज़ू
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आख़िरी ख़त
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज शब कोई नहीं है
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज की रात
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज इक हर्फ़ को फिर ढूँडता फिरता है ख़याल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज बाज़ार में पा-ब-जौलाँ चलो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
हिमाला की दासियाँ
फ़ैसल सईद फ़ैसल
ज़बानों का बोसा
फ़हमीदा रियाज़
उस का दिल तो अच्छा दिल था
फ़हमीदा रियाज़
तिफ़्लाँ की तो कुछ तक़्सीर न थी
फ़हमीदा रियाज़
तफ़्सील मसाफ़त की
फ़हमीदा रियाज़