Nazam Poetry (page 118)

सब खेल-तमाशा ख़त्म हुआ

फ़हीम शनास काज़मी

राहदारी में गूँजती नज़्म

फ़हीम शनास काज़मी

क़िस्सा तमाम

फ़हीम शनास काज़मी

मुझे कौन बुलाता रहता है

फ़हीम शनास काज़मी

''ला'' भी है एक गुमाँ

फ़हीम शनास काज़मी

ख़ुद-कुशी के पुल पर

फ़हीम शनास काज़मी

हमारे शजरे बिखर गए हैं

फ़हीम शनास काज़मी

हादसा

फ़हीम शनास काज़मी

देर हो गई

फ़हीम शनास काज़मी

भगत-सिंह के नाम

फ़हीम शनास काज़मी

बेबसी गीत बुनती रहती है

फ़हीम शनास काज़मी

और ख़ुदा ख़ामोश था

फ़हीम शनास काज़मी

अली-बाबा कोई सिम-सिम

फ़हीम शनास काज़मी

ऐ मुबारज़-तलब

फ़हीम शनास काज़मी

अब तो कुछ भी याद नहीं

फ़हीम शनास काज़मी

आईना देखते हो

फ़हीम शनास काज़मी

आहिस्ता से गुज़रो

फ़हीम शनास काज़मी

लाशें

एलिज़ाबेथ कुरियन मोना

किरदार

एलिज़ाबेथ कुरियन मोना

ख़ूब-सूरती

एलिज़ाबेथ कुरियन मोना

हिफ़ाज़त

एलिज़ाबेथ कुरियन मोना

बदलते पहलू

एलिज़ाबेथ कुरियन मोना

शहर-ए-बीना के लोग

एजाज़ रिज़वी

तब हज़ारों अँधेरों से

एजाज़ रही

सवाल सवाल सियाह कश्कोल

एजाज़ रही

काले मौसमों की आख़िरी रात

एजाज़ रही

निशान-ए-ज़िंदगी

एजाज़ गुल

दुश्मनों के दरमियान सुल्ह

एजाज़ गुल

तंहाई

एजाज़ फ़ारूक़ी

तकमील

एजाज़ फ़ारूक़ी