आंख Poetry (page 49)

वो नग़्मा बुलबुल-ए-रंगीं-नवा इक बार हो जाए

असग़र गोंडवी

रुमूज़-ए-मोहब्बत

असर सहबाई

काहे को ऐसे ढीट थे पहले झूटी क़सम जो खाते तुम

असर लखनवी

झपकी ज़रा जो आँख जवानी गुज़र गई

असर लखनवी

हाए रे प्यारी प्यारी आँख

असर लखनवी

भूले अफ़्साने वफ़ा के याद दिल्वाते हुए

असर लखनवी

गाँव की आँख से बस्ती की नज़र से देखा

असअ'द बदायुनी

ये धूप छाँव के असरार क्या बताते हैं

असअ'द बदायुनी

वक़्त इक दरिया है दरिया सब बहा ले जाएगा

असअ'द बदायुनी

गाँव की आँख से बस्ती की नज़र से देखा

असअ'द बदायुनी

भूल के कभी न फ़ाश कर राज़-ओ-नियाज़-ए-आशिक़ी

आरज़ू सहारनपुरी

वो क्या लिखता जिसे इंकार करते भी हिजाब आया

आरज़ू लखनवी

तलाश-ए-रंग में आवारा मिस्ल-ए-बू हूँ मैं

आरज़ू लखनवी

रस उन आँखों का है कहने को ज़रा सा पानी

आरज़ू लखनवी

फिर चाहे तो न आना ओ आन-बान वाले

आरज़ू लखनवी

फेर जो पड़ना था क़िस्मत में वो हस्ब-ए-मामूल पड़ा

आरज़ू लखनवी

किस मस्त अदा से आँख लड़ी मतवाला बना लहरा के गिरा

आरज़ू लखनवी

दिल मुकद्दर है आईना-रू का

आरज़ू लखनवी

बग़ौर देख रहा है अदा-शनास मुझे

आरज़ू लखनवी

आराम के थे साथी क्या क्या जब वक़्त पड़ा तो कोई नहीं

आरज़ू लखनवी

तक़दीर हो ख़राब तो तदबीर क्या करे

अरुण कुमार आर्य

नए मौसम की बशारत हैं हम

अरशद महमूद नाशाद

तिरे ख़याल से फिर आँख मेरी पुर-नम है

अरशद लतीफ़

ज़माना कुछ भी कहे तेरी आरज़ू कर लूँ

अरशद कमाल

ज़िंदगी हम से तिरी आँख-मिचोली कब तक

अरशद जमाल 'सारिम'

किश्त-ए-एहसास में थोड़ा सा मिला लेंगे तुझे

अरशद जमाल 'सारिम'

दो-चार सितारे ही मिरी आँख में धर जा

अरशद जमाल 'सारिम'

ये बारीक उन की कमर हो गई

अरशद अली ख़ान क़लक़

वाइज़ की ज़िद से रिंदों ने रस्म-ए-जदीद की

अरशद अली ख़ान क़लक़

सोते हैं फैल फैल के सारे पलंग पर

अरशद अली ख़ान क़लक़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.