आंख Poetry (page 50)

पिन्हाँ था ख़ुश-निगाहों की दीदार का मरज़

अरशद अली ख़ान क़लक़

मिलता है क़ैद-ए-ग़म में भी लुत्फ़-ए-फ़ज़ा-ए-बाग़

अरशद अली ख़ान क़लक़

लूटे मज़े जो हम ने तुम्हारे उगाल के

अरशद अली ख़ान क़लक़

लुट रही है दौलत-ए-दीदार क़ैसर-बाग़ में

अरशद अली ख़ान क़लक़

हैं तेग़-ए-नाज़-ए-यार के बिस्मिल अलग अलग

अरशद अली ख़ान क़लक़

डोरा नहीं है सुरमे का चश्म-ए-सियाह में

अरशद अली ख़ान क़लक़

चश्मक-ज़नी में करती नहीं यार का लिहाज़

अरशद अली ख़ान क़लक़

बोलेगा कौन आशिक़-ए-नादार की तरफ़

अरशद अली ख़ान क़लक़

बे-ज़बानों को भी गोयाई सिखाना चाहिए

अरशद अली ख़ान क़लक़

आरिज़ में तुम्हारे क्या सफ़ा है

अरशद अली ख़ान क़लक़

ख़ामोशी तक तो एक सदा ले गई मुझे

अरशद अब्दुल हमीद

ग़म की गर्मी से दिल पिघलते रहे

अर्श सिद्दीक़ी

मेरे प्यारे वतन

अर्श मलसियानी

वो ले के हौसला-ए-अज़्म-ए-बे-पनाह चले

अर्श मलसियानी

दिल-ए-फ़सुर्दा पे सौ बार ताज़गी आई

अर्श मलसियानी

हयूले

आरिफ़ अब्दुल मतीन

तितलियाँ रंगों का महशर हैं कभी सोचा न था

आरिफ़ अब्दुल मतीन

कितनी हसरत से तिरी आँख का बादल बरसा

आरिफ़ अब्दुल मतीन

तय न कर पाई मंज़िलें तितली

अक़ील जामिद

ज़ीस्त करना दर-ए-इदराक से बाहर है अभी

अक़ील अब्बास जाफ़री

खींच कर तलवार जब तर्क-ए-सितमगर रह गया

अनवरी जहाँ बेगम हिजाब

यादों के बाग़ से वो हरा-पन नहीं गया

अनवर शऊर

जागती आँख से जो ख़्वाब था देखा 'अनवर'

अनवर सदीद

तुझ को तो क़ुव्वत-ए-इज़हार ज़माने से मिली

अनवर सदीद

तलाश जिस को मैं करता फिरा ख़राबों में

अनवर सदीद

साँसों में मिल गई तिरी साँसों की बास थी

अनवर सदीद

हद-ए-नज़र से मिरा आसमाँ है पोशीदा

अनवर सदीद

शब-ए-फ़िराक़ की ज़ुल्मत है ना-गवार मुझे

अनवर साबरी

दौर-ए-हाज़िर हो गया है इस क़दर कम-आश्ना

अनवर साबरी

शेर-ओ-सुख़न की उस महफ़िल में सब से छोटे हम ही थे

अनवर नदीम

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.