बाहर Poetry (page 23)

ज़ीने तो बस ज़ीने हैं

अनवार फ़ितरत

खिला है फूल बहुत रोज़ में मुक़द्दर का

अनवर अंजुम

इक धमाके से न फट जाए कहीं मेरा वजूद

अनवर महमूद खालिद

अन-कहे लफ़्ज़ों में मतलब ढूँढता रहता हूँ मैं

अनवर महमूद खालिद

अन-कहे लफ़्ज़ों का मतलब ढूँढता रहता हूँ मैं

अनवर महमूद खालिद

विसाल की तीसरी सम्त

अंजुम सलीमी

पानी की आवाज़

अंजुम सलीमी

हिसाब-ए-जाँ!!

अंजुम सलीमी

चाँद हम दोनों से मुशाबह है

अंजुम ख़लीक़

हर शे'र से मेरे तिरा पैकर निकल आए

अंजुम ख़लीक़

जो शब भर आँसुओं से तर रहेगा

अंजुम आज़मी

एक नज़्म

अनीस नागी

जिस को समझे थे तवंगर वो गदागर निकला

अनीस अंसारी

मुझे इल्ज़ाम न दे तर्क-ए-शकेबाई का

अंदलीब शादानी

सैंकड़ों ही रहनुमा हैं रास्ता कोई नहीं

अमजद इस्लाम अमजद

कमाल-ए-हुस्न है हुस्न-ए-कमाल से बाहर

अमजद इस्लाम अमजद

अपने होने की तब-ओ-ताब से बाहर न हुए

अमजद इस्लाम अमजद

नज़्म

अमीताभ बच्चन

ख़ुदा की कौन सी है राह बेहतर जानता है

अमित अहद

ख़ामोशियों को आलम-ए-अस्वात पर कभी

आमिर नज़र

चश्म-ए-बे-कैफ़ में कारिंदा-ए-मंज़र न रहा

आमिर नज़र

मकाँ उजाड़ था और ला-मकाँ की ख़्वाहिश थी

अमीर हम्ज़ा साक़िब

बदन के लुक़्मा-ए-तर को हराम कर लिया है

अमीर हम्ज़ा साक़िब

मैं क्या जानूँ घरों का हाल क्या है

अमीर क़ज़लबाश

सुब्ह तक मैं सोचता हूँ शाम से

अमीर क़ज़लबाश

नज़र आने से पहले डर रहा हूँ

अमीर क़ज़लबाश

दामन पे लहू हाथ में ख़ंजर न मिलेगा

अमीर क़ज़लबाश

बंद आँखों से वो मंज़र देखूँ

अमीर क़ज़लबाश

ख़ुद को हर आरज़ू के उस पार कर लिया है

अमीर इमाम

दिल में दुख आँखों में नमी आसमाँ पर घटाएँ

अमीक़ हनफ़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.