दीवार Poetry (page 49)

पर्दे में इस बदन के छुपें राज़ किस तरह

अमजद इस्लाम अमजद

लहू में रंग लहराने लगे हैं

अमजद इस्लाम अमजद

जो दिन था एक मुसीबत तो रात भारी थी

अमजद इस्लाम अमजद

जब भी आँखों में तिरे वस्ल का लम्हा चमका

अमजद इस्लाम अमजद

दाम-ए-ख़ुशबू में गिरफ़्तार सबा है कब से

अमजद इस्लाम अमजद

अगरचे कोई भी अंधा नहीं था

अमजद इस्लाम अमजद

यूँ तो बिखरे थे मगर कुछ तो कहीं पर कुछ था

आमिर नज़र

तअ'ल्लुक़ात के सारे दिए बुझे हुए थे

आमिर नज़र

ख़ेमा-ए-जाँ को जो देखूँ तो शरर-बार लगे

आमिर नज़र

फ़िशार-ए-तीरह-शबी से सहर निकल आए

आमिर नज़र

एक इक तार-ए-नफ़स आशुफ़्ता-ए-आहंग था

आमिर नज़र

दरून-ए-जिस्म की दीवार से उभरती है

आमिर नज़र

हया गिरती हुई दीवार थी कल शब जहाँ मैं था

अमीरुल इस्लाम हाशमी

ज़बाँ है मगर बे-ज़बानों में है

अमीर क़ज़लबाश

उसे बेचैन कर जाऊँगा मैं भी

अमीर क़ज़लबाश

मिरे हाल पर मेहरबानी करे

अमीर क़ज़लबाश

तिरा क्या काम अब दिल में ग़म-ए-जानाना आता है

अमीर मीनाई

ख़ुद को हर आरज़ू के उस पार कर लिया है

अमीर इमाम

अंधेरे में सोचने की मश्क़

अमीक़ हनफ़ी

तीरगी ही तीरगी है बाम-ओ-दर में कौन है

अमीन राहत चुग़ताई

इक अश्क सर-ए-शोख़ी-ए-रुख़सार में गुम है

अमीन अडीराई

फूल जैसी है कभी ये ख़ार की मानिंद है

अम्बर जोशी

बहुत बे-ज़ार होती जा रही हूँ

अम्बरीन सलाहुद्दीन

असीर-ए-ख़्वाब नई जुस्तुजू के दर खोलें

अम्बरीन सलाहुद्दीन

ज़िंदगी-भर एक ही कार-ए-हुनर करते रहे

अंबरीन हसीब अंबर

सितारा-बार बन जाए नज़र ऐसा नहीं होता

अंबरीन हसीब अंबर

कोई दीवार न दर बाक़ी है

अम्बर शमीम

हैं जल्वा-ए-तन से दर-ओ-दीवार बसंती

अमानत लखनवी

गिर पड़े दाँत हुए मू-ए-सर ऐ यार सफ़ेद

अमानत लखनवी

भूला हूँ मैं आलम को सरशार इसे कहते हैं

अमानत लखनवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.