दिल Poetry (page 241)

बिसात-ए-इज्ज़ में था एक दिल यक क़तरा ख़ूँ वो भी

ग़ालिब

बीम-ए-रक़ीब से नहीं करते विदा-ए-होश

ग़ालिब

बे-ए'तिदालियों से सुबुक सब में हम हुए

ग़ालिब

बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना

ग़ालिब

ब-नाला हासिल-ए-दिल-बस्तगी फ़राहम कर

ग़ालिब

बाग़ पा कर ख़फ़क़ानी ये डराता है मुझे

ग़ालिब

अज़-मेहर ता-ब-ज़र्रा दिल-ओ-दिल है आइना

ग़ालिब

अर्ज़-ए-नियाज़-ए-इश्क़ के क़ाबिल नहीं रहा

ग़ालिब

अर्ज़-ए-नाज़-ए-शोख़ी-ए-दंदाँ बराए-ख़ंदा है

ग़ालिब

अफ़्सोस कि दंदाँ का किया रिज़्क़ फ़लक ने

ग़ालिब

आमद-ए-ख़त से हुआ है सर्द जो बाज़ार-ए-दोस्त

ग़ालिब

आईना देख अपना सा मुँह ले के रह गए

ग़ालिब

शौक़ ने की जो रहबरी दिल की

जोर्ज पेश शोर

जब जवानी गई छुड़ा कर हाथ

जोर्ज पेश शोर

जान पर अपनी हाए क्यूँ बनती

जोर्ज पेश शोर

इक नज़र ने किया है काम तमाम

जोर्ज पेश शोर

दूर हम से हैं वो तो क्या डर है

जोर्ज पेश शोर

देते न दिल जो तुम को तो क्यूँ बनती जान पर

जोर्ज पेश शोर

पैक-ए-ख़याल भी है अजब क्या जहाँ-नुमा

जोर्ज पेश शोर

नफ़रत

गीताञ्जलि राय

अगर हो चश्म-ए-हक़ीक़त तो देख क्या हूँ मैं

ग़व्वास क़ुरैशी

वो टुकड़ा रात का बिखरा हुआ सा

गौतम राजऋषि

समन-बरों से चमन दौलत-ए-नुमू माँगे

गौहर होशियारपुरी

मरहला तय कोई बे-मिन्नत-ए-जादा भी तो हो

गौहर होशियारपुरी

हाँ काहिश-ए-फ़ुज़ूल का हासिल भी कुछ नहीं

गौहर होशियारपुरी

दुखी दिलों में, दुखी साथियों में रहते थे

गौहर होशियारपुरी

अपना दुखड़ा कहते हैं

गौहर होशियारपुरी

अर्ज़-ए-दकन में जान तो दिल्ली में दिल बनी

गणेश बिहारी तर्ज़

अहल-ए-दिल के वास्ते पैग़ाम हो कर रह गई

गणेश बिहारी तर्ज़

सामने आँखों के घर का घर बने और टूट जाए

गणेश बिहारी तर्ज़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.