दिया Poetry (page 86)

अब इस के तसव्वुर से भी झुकने लगीं आँखें

अहमद राही

तन्हाइयों के दश्त में अक्सर मिला मुझे

अहमद राही

दिन को रहते झील पर दरिया किनारे रात को

अहमद राही

इक उम्र के ब'अद मुस्कुरा कर

अहमद नदीम क़ासमी

गुनाह ओ सवाब

अहमद नदीम क़ासमी

फिर भयानक तीरगी में आ गए

अहमद नदीम क़ासमी

हर लम्हा अगर गुरेज़-पा है

अहमद नदीम क़ासमी

दावा तो किया हुस्न-ए-जहाँ-सोज़ का सब ने

अहमद नदीम क़ासमी

बारिश की रुत थी रात थी पहलू-ए-यार था

अहमद नदीम क़ासमी

इक रात चाँदनी मिरे बिस्तर पे आई थी

अहमद मुश्ताक़

दुख के सफ़र पे दिल को रवाना तो कर दिया

अहमद मुश्ताक़

शबनम को रेत फूल को काँटा बना दिया

अहमद मुश्ताक़

इन मौसमों में नाचते गाते रहेंगे हम

अहमद मुश्ताक़

हम गिरे हैं जो आ के इतनी दूर

अहमद मुश्ताक़

इक उम्र की और ज़रूरत है वही शाम-ओ-सहर करने के लिए

अहमद मुश्ताक़

हम से पहले तो कहीं प्यार न था शहर-ब-शहर

अहमद मासूम

मिलने दिया न उस से हमें जिस ख़याल ने

अहमद महफ़ूज़

छोड़ो अब उस चराग़ का चर्चा बहुत हुआ

अहमद महफ़ूज़

वो ज़हर है फ़ज़ाओं में कि आदमी की बात क्या

अहमद ख़याल

ग़ुबार-ए-अब्र बन गया कमाल कर दिया गया

अहमद ख़याल

ग़ुबार अब्र बन गया कमाल कर दिया गया

अहमद ख़याल

दरिया में दश्त दश्त में दरिया सराब है

अहमद ख़याल

ऐ तअ'स्सुब ज़दा दुनिया तिरे किरदार पे ख़ाक

अहमद ख़याल

पाँव बाँधे हैं वफ़ा से जब ने

अहमद कामरान

मुझ पे तस्वीर लगा दी गई है

अहमद कामरान

ये जो बेदार दिखाई दिया हूँ

अहमद कामरान

चराग़ ताक़-ए-तिलिस्मात में दिखाई दिया

अहमद कामरान

आग तो चारों ही जानिब थी पर अच्छा ये है

अहमद कमाल परवाज़ी

शाम के ब'अद सितारों को सँभलने न दिया

अहमद कमाल परवाज़ी

अन-पढ़ गूँगे का रजज़

अहमद जावेद

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.