हाल Poetry (page 38)

किए आरज़ू से पैमाँ जो मआल तक न पहुँचे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

आज यूँ मौज-दर-मौज ग़म थम गया इस तरह ग़म-ज़दों को क़रार आ गया

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ख़याल-ओ-ख़्वाब को परवाज़ देता रहता हूँ

फ़ैय्याज़ रश्क़

जहाँ में ख़ुद को बनाने में देर लगती है

फ़ैय्याज़ रश्क़

उन लबों की याद आई गुल के मुस्कुराने से

फ़य्याज़ अहमद

तेरी आँखें न रहीं आईना-ख़ाना मिरे दोस्त

फ़ैसल अजमी

तफ़्सील मसाफ़त की

फ़हमीदा रियाज़

इंक़िलाबी औरत

फ़हमीदा रियाज़

एक लड़की से

फ़हमीदा रियाज़

चादर और चार-दीवारी

फ़हमीदा रियाज़

ज़रा मोहतात होना चाहिए था

फ़हमी बदायूनी

सहराओं ने माँगा पानी

फ़हमी बदायूनी

ज़मीन पर न रहे आसमाँ को छोड़ दिया

फ़हीम शनास काज़मी

उस ने पूछा भी मगर हाल छुपाए गए हम

फ़हीम शनास काज़मी

आप आए हैं हाल पूछा है

एजाज़ वारसी

कहाँ सबात-ए-ग़म-ए-दिल कहाँ सराब-ए-सुकूँ

एजाज़ वारसी

नूर की किरन उस से ख़ुद निकलती रहती है

एजाज़ सिद्दीक़ी

मंज़र-ए-वक़्त की यकसानी में बैठा हुआ हूँ

एजाज़ गुल

हम तुम जब भी प्यार करेंगे जान-ओ-दिल सदक़े होंगे

एजाज़ गुल

अहया

एजाज़ फ़ारूक़ी

तन्हाई का रोग न पाल

एजाज़ तालिब

हुसूल-ए-मक़्सद में आख़िरश यूँ रहेगी क़िस्मत दख़ील कब तक

एहतिशामुल हक़ सिद्दीक़ी

बीमारी की ख़बर

एहतिशाम हुसैन

मिरे अज़ीज़ ही मुझ को समझ न पाए कभी

एहतिशाम अख्तर

जो ले के उन की तमन्ना के ख़्वाब निकलेगा

एहसान दानिश

बख़्श दी हाल-ए-ज़बूँ ने जल्वा-सामानी मुझे

एहसान दानिश

अब कहो कारवाँ किधर को चले

एहसान दानिश

ज़रा भी शोर मौजों का नहीं है

दिवाकर राही

शदीद गरमी के मौसम में मुशाइरा

दिलावर फ़िगार

लंदन में जश्न-ए-ग़ालिब

दिलावर फ़िगार

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.