शरीर Poetry (page 32)

तुम्हारी आँखें

दर्शिका वसानी

आख़िर जिस्म भी दीवारों को सौंप गए

दानियाल तरीर

एक सब आग एक सब पानी

दानियाल तरीर

रेत मुट्ठी में भरी पानी से आग़ाज़ किया

दानियाल तरीर

ख़्वाब-कारी वही कमख़्वाब वही है कि नहीं

दानियाल तरीर

ख़ामोशी की क़िर्अत करने वाले लोग

दानियाल तरीर

जरस और सारबानों तक पहुँचना चाहता है

दानियाल तरीर

खुलती है चाँदनी जहाँ वो कोई बाम और है

डी. राज कँवल

हमारे सब्र का इक इम्तिहान बाक़ी है

चित्रांश खरे

समंदर का सुकूत

चन्द्रभान ख़याल

रामायण का एक सीन

चकबस्त ब्रिज नारायण

पड़ने लगे जो ज़ोर हवस का तो क्या निगाह

बिमल कृष्ण अश्क

यूँ न जान अश्क हमें जो गया बाना न मिला

बिमल कृष्ण अश्क

जो दिल में उस को बसाए वो और कुछ न करे

बिमल कृष्ण अश्क

जिस की हर बात में क़हक़हा जज़्ब था मैं न था दोस्तो

बिमल कृष्ण अश्क

जब चौदहवीं का चाँद निकलता दिखाई दे

बिमल कृष्ण अश्क

हमारी जागती आँखों में ख़्वाब सा क्या था

बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

नास्टैल्जिया

बिलाल अहमद

मैं ने सोचा था मुझे मिस्मार कर सकता नहीं

भारत भूषण पन्त

आब की तासीर में हूँ प्यास की शिद्दत में हूँ

भारत भूषण पन्त

ये जो चेहरों पे लिए गर्द-ए-अलम आते हैं

बेदिल हैदरी

दरिया ने कल जो चुप का लिबादा पहन लिया

बेदिल हैदरी

बंधन सा इक बँधा था रग-ओ-पय से जिस्म में

बशीरुद्दीन अहमद देहलवी

मिरे बदन में छुपी आग को हवा देगा

बशीर फ़ारूक़ी

ये चराग़ बे-नज़र है ये सितारा बे-ज़बाँ है

बशीर बद्र

मेरे दिल की राख कुरेद मत इसे मुस्कुरा के हवा न दे

बशीर बद्र

इक परी के साथ मौजों पर टहलता रात को

बशीर बद्र

बे-तहाशा सी ला-उबाली हँसी

बशीर बद्र

हैराँ है ज़माने में किसे अपना कहे दिल

बशीर मुंज़िर

विसाल

बशर नवाज़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.