काम Poetry (page 21)

धरती की सुलगती छाती से बेचैन शरारे पूछते हैं

साहिर लुधियानवी

बहुत घुटन है

साहिर लुधियानवी

ऐ नई नस्ल

साहिर लुधियानवी

सदियों से इंसान ये सुनता आया है

साहिर लुधियानवी

बहुत घुटन है कोई सूरत-ए-बयाँ निकले

साहिर लुधियानवी

जला है किस क़दर दिल ज़ौक़-ए-काविश-हा-ए-मिज़्गाँ पर

साहिर देहल्वी

ख़ुदा के वास्ते अब बे-रुख़ी से काम न ले

साहिर भोपाली

सुख़न को तूल न दे अपनी एहतियाज बता

सहबा वहीद

तुम ने कहा था चुप रहना सो चुप ने भी क्या काम किया

सहबा अख़्तर

यूँ भी हुआ इक अर्से तक इक शे'र न मुझ से तमाम हुआ

सहबा अख़्तर

तुम ने कहा था चुप रहना सो चुप ने भी क्या काम किया

सहबा अख़्तर

कलियों की महक होता तारों की ज़िया होता

साग़र सिद्दीक़ी

इंजीनियर करेंगे अगर डॉक्टर का काम

साग़र ख़य्यामी

ज़रूरत-ए-रिश्ता

साग़र ख़य्यामी

नवादिरात की दूकान

साग़र ख़य्यामी

मग़्ज़-ए-शाएर

साग़र ख़य्यामी

इक्कीसवीं सदी का आदमी

साग़र ख़य्यामी

अलाउद्दीन का तरबूज़

साग़र ख़य्यामी

शम-ए-हसरत जला गए आँसू

सफ़िया शमीम

दर्द-ए-आग़ाज़-ए-मोहब्बत का अब अंजाम नहीं

सफ़ी लखनवी

तराना-ए-क़ौमी

सफ़ीर काकोरवी

रेत

सईदुद्दीन

मैं दोस्त से न किसी दुश्मनी से डरता हूँ

सईद नक़वी

चाहे हमारा ज़िक्र किसी भी ज़बाँ में हो

सईद नक़वी

ज़िंदगी ग़म के अंधेरों में सँवरने से रही

सादिक़ इंदौरी

लाख तक़दीर पे रोए कोई रोने वाला

सदा अम्बालवी

अब कहाँ दोस्त मिलें साथ निभाने वाले

सदा अम्बालवी

मिलूँ तो कैसे मिलूँ बे-तलब किसी से मैं

साबिर ज़फ़र

वो नींद अधूरी थी क्या ख़्वाब-ए-ना-तमाम था क्या

साबिर ज़फ़र

वो नींद अधूरी थी क्या ख़्वाब ना-तमाम था क्या

साबिर ज़फ़र

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.