तेग Poetry (page 4)

गुल की और बुलबुल की सोहबत को चमन का शाना है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

दुनिया ख़याल-ओ-ख़्वाब है मेरी निगाह में

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

दर्द-ए-दिल मेरी आह से पूछो

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

आशिक़ का जहाँ में घर न देखा

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

आज दिलबर के नाम को रट रट

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

ग़मों की रात है और इतनी मुख़्तसर भी नहीं

शाहिद कमाल

तार-ए-नफ़स उलझ गया मेरे गुलू में आ के जब

शाह नसीर

सुपर रखता हूँ मैं भी आफ़्ताबी साग़र-ए-मय की

शाह नसीर

तिरे दाँत सारे सफ़ेद हैं पए-ज़ेब पान से मल कर आ

शाह नसीर

सदा है इस आह-ओ-चश्म-ए-तर से फ़लक पे बिजली ज़मीं पे बाराँ

शाह नसीर

पामाल-ए-राह-ए-इश्क़ हैं ख़िल्क़त की खा ठोकर भी हम

शाह नसीर

जूँ ज़र्रा नहीं एक जगह ख़ाक-नशीं हम

शाह नसीर

जो गुज़रे है बर आशिक़-ए-कामिल नहीं मालूम

शाह नसीर

देख तू यार-ए-बादा-कश! मैं ने भी काम क्या किया

शाह नसीर

दम ले ऐ कोहकन अब तेशा-ज़नी ख़ूब नहीं

शाह नसीर

बे-मेहर-ओ-वफ़ा है वो दिल-आराम हमारा

शाह नसीर

सुब्हा से है न काम न ज़ुन्नार से ग़रज़

शाह आसिम

मुझे साक़ी-ए-चश्म-ए-यार ने अजब एक जाम पिला दिया

शाह आसिम

कौन-ओ-मकाँ में यारो आबाद हैं तो हम हैं

शाह आसिम

इस्लाम और कुफ़्र हमारा ही नाम है

शाह आसिम

शगुफ़्ता होते ही मुरझा गई कली अफ़सोस

शाद लखनवी

मिरी बे-रिश्ता-दिली से उसे मज़ा मिल जाए

शाद लखनवी

क्या ये बुत बैठेंगे ख़ुदा बन कर

शाद लखनवी

जों सब्ज़ा रहे उगते ही पैरों के तले हम

शाद लखनवी

गर जुनूँ कर मुझे पाबंद-ए-सलासिल जाता

शाद लखनवी

गले लिपटे हैं वो बिजली के डर से

शाद लखनवी

फ़क़त शोर-ए-दिल-ए-पुर-आरज़ू था

शाद अज़ीमाबादी

एक सितम और लाख अदाएँ उफ़ री जवानी हाए ज़माने

शाद अज़ीमाबादी

किस के हैं ज़ेर-ए-ज़मीं दीदा-ए-नम-नाक हनूज़

मोहम्मद रफ़ी सौदा

जिस दम वो सनम सवार होवे

मोहम्मद रफ़ी सौदा

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.