जीवन Poetry (page 15)

मिली है राहत हमें सफ़र से

स्वप्निल तिवारी

मिली है राहत हमें सफ़र से

स्वप्निल तिवारी

वजूद मिट गया परवानों के सँभलने तक

सालेह नदीम

रंज इस का नहीं कि हम टूटे

सूर्यभानु गुप्त

हर लम्हा ज़िंदगी के पसीने से तंग हूँ

सूर्यभानु गुप्त

जिन से मिल कर ज़िंदगी से इश्क़ हो जाए वो लोग

सुरूर बाराबंकवी

ख़्वाब देखता हूँ

सुरूर बाराबंकवी

तू उरूस-ए-शाम-ए-ख़याल भी तू जमाल-ए-रू-ए-सहर भी है

सुरूर बाराबंकवी

तू उरूस-ए-शाम-ए-ख़याल भी तो जमाल-ए-रू-ए-सहर भी है

सुरूर बाराबंकवी

मेहर-ओ-माह भी लर्ज़ां हैं फ़ज़ा की बाँहों में

सुरूर बाराबंकवी

दस्त-ओ-पा हैं सब के शल इक दस्त-ए-क़ातिल के सिवा

सुरूर बाराबंकवी

चमन वालों को रक़्साँ-ओ-ग़ज़ल-ख़्वाँ ले के उट्ठी है

सुरूर बाराबंकवी

उठो यहाँ से कहीं और जा के सो जाओ

सुरेन्द्र पंडित सोज़

अपनी अना के गुम्बद-ए-बे-दर में बंद है

सूरज तनवीर

याद है इक एक लम्हे का खिचाव देखना

सूरज नारायण

नोक-ए-शमशीर की घात का सिलसिला यूँ पस-ए-आइना कल उतारा गया

सूरज नारायण

अजब सी बद-हवासी छा रही है

सुनील कुमार जश्न

मौसम-ए-गुल कुंज-ए-गुलशन निकहत-ए-गेसू न हो

सुलतान रशक

बड़ी दानाई से अंदाज़-ए-अय्यारी बदलते हैं

सुलतान रशक

वही बे-सबब से निशाँ हर तरफ़

सुल्तान अख़्तर

तन्हाई की ख़लीज है यूँ दरमियान में

सुल्तान अख़्तर

हर-चंद अपने अक्स का दिल दर्दमंद हो

सुल्तान अख़्तर

हर इक लम्हा हमें हम से जुदा करती हुई सी

सुल्तान अख़्तर

शनाख़्त मिट गई चेहरे पे गर्द इतनी थी

सुलेमान ख़ुमार

तुम्हें क्या?

सुलैमान अरीब

तिरा दिल तो नहीं दिल की लगी हूँ

सुलैमान अरीब

नहीं जो तेरी ख़ुशी लब पे क्यूँ हँसी आए

सुलैमान अरीब

तुझे क्या हुआ है बता ऐ दिल न सुकून है न क़रार है

सुलैमान अहमद मानी

अपने ही आप में असीर हूँ मैं

सुलैमान अहमद मानी

तिरे हिरमाँ-नसीबों की भी क्या तक़दीर है साक़ी

सुलैमान आसिफ़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.