Nazam Poetry (page 102)

'इक़बाल' के मज़ार पर

हफ़ीज़ जालंधरी

फ़ुर्सत की तमन्ना में

हफ़ीज़ जालंधरी

एक लड़की शादाँ

हफ़ीज़ जालंधरी

बसंती तराना

हफ़ीज़ जालंधरी

अभी तो मैं जवान हूँ

हफ़ीज़ जालंधरी

अब ख़ूब हँसेगा दीवाना

हफ़ीज़ जालंधरी

आख़िरी रात

हफ़ीज़ जालंधरी

आज की रात

हफ़ीज़ होशियारपुरी

पैग़ाम ईद

हफ़ीज़ बनारसी

वापसी

हबीब तनवीर

तुम्हारे गाँव से जो रास्ता निकलता है

हबीब तनवीर

नीला आसमान

हबीब तनवीर

ज़ुल्मत को ज़िया सरसर को सबा बंदे को ख़ुदा क्या लिखना

हबीब जालिब

यौम-ए-मई

हबीब जालिब

उट्ठो मरने का हक़ इस्तिमाल करो

हबीब जालिब

तेज़ चलो

हबीब जालिब

तेरे होने से

हबीब जालिब

शहर-ए-ज़ुल्मात को सबात नहीं

हबीब जालिब

सहाफ़ी से

हबीब जालिब

सच ही लिखते जाना

हबीब जालिब

रेफ़्रेनडम

हबीब जालिब

'नूर-जहाँ'

हबीब जालिब

नीलो

हबीब जालिब

नन्ही जा सो जा

हबीब जालिब

नाम क्या लूँ

हबीब जालिब

मुशीर

हबीब जालिब

मुम्ताज़

हबीब जालिब

मुलाक़ात

हबीब जालिब

मीरा-जी

हबीब जालिब

मेरी बच्ची

हबीब जालिब