Nazam Poetry (page 147)

मैं अजब आदमी हूँ

अख़्तर उस्मान

गर्द-बाद

अख़्तर उस्मान

बुत-साज़

अख़्तर उस्मान

वक़्त की क़द्र

अख़्तर शीरानी

ओ देस से आने वाले बता

अख़्तर शीरानी

नज़्र-ए-वतन

अख़्तर शीरानी

नन्हा क़ासिद

अख़्तर शीरानी

मुझे ले चल

अख़्तर शीरानी

जहाँ 'रेहाना' रहती थी

अख़्तर शीरानी

एक शाएरा की शादी पर

अख़्तर शीरानी

एक हुस्न-फ़रोश से

अख़्तर शीरानी

दिल-ओ-दिमाग़ को रो लूँगा आह कर लूँगा

अख़्तर शीरानी

दावत

अख़्तर शीरानी

बस्ती की लड़कियों के नाम

अख़्तर शीरानी

बरखा-रुत

अख़्तर शीरानी

बदनाम हो रहा हूँ

अख़्तर शीरानी

अँगूठी

अख़्तर शीरानी

ऐ इश्क़ कहीं ले चल

अख़्तर शीरानी

ऐ इश्क़ हमें बर्बाद न कर

अख़्तर शीरानी

आँसू

अख़्तर शीरानी

एक कहानी

अख़्तर रज़ा सलीमी

तीसरी पाली

अख़्तर राही

तजस्सुस

अख़्तर राही

सन्नाटा

अख़्तर राही

रब्त

अख़्तर राही

काला सूरज

अख़्तर राही

घोर अँधेरा

अख़्तर राही

ये औरतें

अख़्तर पयामी

शनासाई

अख़्तर पयामी

रिवायात की तख़्लीक़

अख़्तर पयामी