Nazam Poetry (page 17)

ख़ुदा गवाह

यहया अमजद

जिस्म और साए

यहया अमजद

बहस तो अपनी ही नहीं

यहया अमजद

बाग़ों में आएगी कब बहार

यहया अमजद

ज़ात के रोग में

वज़ीर आग़ा

उम्मीद

वज़ीर आग़ा

तुम जो आते हो

वज़ीर आग़ा

तुझे भी याद तो होगा

वज़ीर आग़ा

टीन का डिब्बा

वज़ीर आग़ा

थकन

वज़ीर आग़ा

तर्ग़ीब

वज़ीर आग़ा

सारी उम्र गँवा दी हम ने

वज़ीर आग़ा

सकता

वज़ीर आग़ा

सफ़र

वज़ीर आग़ा

रेज़ा रेज़ा कर जाता है

वज़ीर आग़ा

रात भर इक सदा

वज़ीर आग़ा

पीपल

वज़ीर आग़ा

पेश-गोई

वज़ीर आग़ा

निरवान

वज़ीर आग़ा

मुसाफ़िर चलते रहते हैं

वज़ीर आग़ा

मैं और तू

वज़ीर आग़ा

कोह-ए-निदा

वज़ीर आग़ा

कितनी बार बुलाया उस को

वज़ीर आग़ा

कराँ-ता-कराँ

वज़ीर आग़ा

जब आँख खुली मेरी

वज़ीर आग़ा

हथेली

वज़ीर आग़ा

इक बे-अंत वजूद

वज़ीर आग़ा

दुख मैले आकाश का

वज़ीर आग़ा

दीवार-ए-गिर्या

वज़ीर आग़ा

दरमाँदा

वज़ीर आग़ा