Nazam Poetry (page 15)

संग-ए-जाँ

ज़ाहिदा ज़ैदी

मौत

ज़ाहिदा ज़ैदी

जज़्बा-ए-बे-कराना

ज़ाहिदा ज़ैदी

हिकायत-ए-गुरेज़ाँ

ज़ाहिदा ज़ैदी

दिन का कर्ब

ज़ाहिदा ज़ैदी

यूँ भी होता है ख़ानदान में क्या

ज़ाहिद मसूद

नाइन इलेवन

ज़ाहिद मसूद

नश्र मुकर्रर

ज़ाहिद मसूद

मिरे लोगो! मैं ख़ाली हाथ आया हूँ

ज़ाहिद मसूद

मनफ़ी शुऊर का इक वरक़

ज़ाहिद मसूद

जम्हूरियत

ज़ाहिद मसूद

इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी

ज़ाहिद मसूद

दार-उल-अमान के दरवाज़े पर

ज़ाहिद मसूद

'अनीस-नागी' के नाम

ज़ाहिद मसूद

ज़ख़्मी ख़्वाबों की तीसरी दुनिया

ज़ाहिद इमरोज़

वक़्त के नाम एक ख़त

ज़ाहिद इमरोज़

तुम जा चुकी हो

ज़ाहिद इमरोज़

थूका हुआ आदमी

ज़ाहिद इमरोज़

तज़ाद की काश्त

ज़ाहिद इमरोज़

नीम-लिबासी का नौहा

ज़ाहिद इमरोज़

मेरा कोई दोस्त नहीं

ज़ाहिद इमरोज़

मेरा ग़ुस्सा कहाँ है?

ज़ाहिद इमरोज़

मैं अच्छा फ़नकार नहीं

ज़ाहिद इमरोज़

काएनाती गर्द में बरसात की एक शाम

ज़ाहिद इमरोज़

इज़हार का मतरूक रास्ता

ज़ाहिद इमरोज़

हम इज़ाफ़ी मिट्टी से बने

ज़ाहिद इमरोज़

हर्माफ्रोडाइट

ज़ाहिद इमरोज़

एक अवामी नज़्म

ज़ाहिद इमरोज़

चोर दरवाज़ा खुला रहता है

ज़ाहिद इमरोज़

अधूरी मौत कर कर्ब

ज़ाहिद इमरोज़