Nazam Poetry (page 13)
जवाहर-लाल यूनवर्सिटी के तलबा के लिए
ज़ीशान साहिल
जंग के दिनों में
ज़ीशान साहिल
जगह
ज़ीशान साहिल
ईरीना
ज़ीशान साहिल
इंडिया
ज़ीशान साहिल
हम फूल नहीं तोड़ सकते
ज़ीशान साहिल
हिसाब
ज़ीशान साहिल
हवा
ज़ीशान साहिल
हँसती हुई लड़की
ज़ीशान साहिल
हमें कहा जाएगा
ज़ीशान साहिल
हमें हर रोज़
ज़ीशान साहिल
हमारे ख़्वाब कहीं नहीं हैं
ज़ीशान साहिल
हल्की और भारी चीज़ें
ज़ीशान साहिल
हद
ज़ीशान साहिल
घूमते हुए ग्लोब पर
ज़ीशान साहिल
गड़ही मेरा
ज़ीशान साहिल
फ़ुट-पाथ के लोग
ज़ीशान साहिल
फ़ाइरिंग
ज़ीशान साहिल
ईमेल
ज़ीशान साहिल
एक मोर
ज़ीशान साहिल
एक मोहब्बत
ज़ीशान साहिल
एक मंज़र की ख़ामोशी
ज़ीशान साहिल
एक लड़की ने आईना देखा
ज़ीशान साहिल
दूसरा आसमान
ज़ीशान साहिल
दुल्हन
ज़ीशान साहिल
दोस्त
ज़ीशान साहिल
दीवार और चिड़िया
ज़ीशान साहिल
दहशत-गर्द शायर
ज़ीशान साहिल
दादी-अम्माँ की थ्योरी
ज़ीशान साहिल
चीज़ें अपनी जगह तब्दील करना चाहती हैं
ज़ीशान साहिल