बदन Poetry (page 36)

हालत-ए-हर्फ़ किस ने जानी है

आरिफ़ इमाम

तिरे बाज़ूओं का सहारा तो ले लूँ मगर उन में भी रच गई है थकन

आरिफ़ अब्दुल मतीन

तिरे बाज़ुओं का सहारा तो ले लूँ मगर इन में भी रच गई है थकन

आरिफ़ अब्दुल मतीन

यूँ देखने में तो ऊपर से सख़्त हूँ शायद

अक़ील शादाब

हवस-परस्ती ओ ग़ारत-गरी की लत न गई

अक़ील शादाब

खींच कर तलवार जब तर्क-ए-सितमगर रह गया

अनवरी जहाँ बेगम हिजाब

मैं जुर्म-ए-ख़मोशी की सफ़ाई नहीं देता

अनवर मसूद

दूसरे सायरन से पहले

अनवर मक़सूद ज़ाहिदी

आग

अनवर मक़सूद ज़ाहिदी

शिकस्ता-पा ही सही दूर की सदा ही सही

अनवार फ़िरोज़

शर्म भी इक तरह की चोरी है

अनवर देहलवी

उन से हम लौ लगाए बैठे हैं

अनवर देहलवी

ये क़िस्सा-ए-ग़म-ए-दिल है तो बाँकपन से चले

अनवर मोअज़्ज़म

ख़ुदा भी मेरी तरह बा-कमाल ऐसा था

अनवर महमूद खालिद

फ़ज़ा-ए-दिल में घनी तीरगी सी लगती है

अनुभव गुप्ता

चख रहा था मैं इक बदन का नमक

अंजुम सलीमी

आगे बिछी पड़ी रहीं उस के बदन की नेमतें

अंजुम सलीमी

तन्हाई का सफ़रनामा

अंजुम सलीमी

सरगोशी

अंजुम सलीमी

सारा शगुफ़्ता

अंजुम सलीमी

काश

अंजुम सलीमी

इंहिराफ़

अंजुम सलीमी

हिसाब-ए-जाँ!!

अंजुम सलीमी

एक साकित रात का अज़ाब

अंजुम सलीमी

काग़ज़ था मैं दिए पे मुझे रख दिया गया

अंजुम सलीमी

बे-हिफ़ाज़त ही मिरा गंज-ए-मआ'नी रह गया

अंजुम नियाज़ी

मिरे जुनूँ को हवस में शुमार कर लेगा

अंजुम ख़लीक़

ख़ाक का रिज़्क़ यहाँ हर कस-ओ-ना-कस निकला

अंजुम ख़लीक़

फ़सील-ए-जिस्म पे शब-ख़ूँ शरारतें तेरी

अंजुम इरफ़ानी

अब इस सादा कहानी को नया इक मोड़ देना था

अंजुम इरफ़ानी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.