दाग Poetry (page 6)

ज़ुल्म करते हुए वो शख़्स लरज़ता ही नहीं

शारिब मौरान्वी

तीन शामों की एक शाम

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

सुर्ख़ सीधा सख़्त नीला दूर ऊँचा आसमाँ

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

पत्थर की भूरी ओट में लाला खिला था कल

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

मौज-ए-दरिया को पिएँ क्या ग़म-ए-ख़म्याज़ा करें

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

बिछड़ते टूटते रिश्तों को हम ने देखा था

शम्स फ़र्रुख़ाबादी

किसी से पूछें कौन बताए किस ने महशर देखा है

शमीम तारिक़

जुनूँ तो है मगर आओ जुनूँ में खो जाएँ

शमीम करहानी

गुलों पे साया-ए-ग़म-हा-ए-रोज़गार मिले

शमीम करहानी

गले लगा के जो सुनते थे दिल की आहों को

शमीम जयपुरी

न कोई ख़्वाब कमाया न आँख ख़ाली हुई

शकील जमाली

ज़लज़ला

शकील बदायुनी

उन की तस्वीर देख कर

शकील बदायुनी

कहाँ है आ जा

शकील बदायुनी

ज़ौक़-ए-गुनाह ओ अज़्म-ए-पशेमाँ लिए हुए

शकील बदायुनी

ये तमाम ग़ुंचा-ओ-गुल मैं हँसूँ तो मुस्कुराएँ

शकील बदायुनी

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

शकील बदायुनी

कब तक 'शकील' दिल को दुआ कीजिएगा आप

शकील बदायुनी

बेगाना हो के बज़्म-ए-जहाँ देखता हूँ मैं

शकील बदायुनी

काला पत्थर

शकेब जलाली

ये जल्वा-गाह-ए-नाज़ तमाशाइयों से है

शकेब जलाली

रौशन हैं दिल के दाग़ न आँखों के शब-चराग़

शकेब जलाली

पर्दा-ए-शब की ओट में ज़ोहरा-जमाल खो गए

शकेब जलाली

कब ये दिल ओ दिमाग़ है मिन्नत-ए-शम्अ खींचिए

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

हाथ में देख कर तिरे मरहम

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

फ़ानूस तन में देख ले रौशन हैं जूँ चराग़

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

वहशत से हर सुख़न मिरा गोया ग़ज़ाला है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

जब वो आली-दिमाग़ हँसता है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

तेरे सीने में भी इक दाग़ है तन्हाई का

शहज़ाद अहमद

ये भी सच है कि नहीं है कोई रिश्ता तुझ से

शहज़ाद अहमद

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.