दिल Poetry (page 288)

हक़ पसंदों से जहाँ बर-सर-ए-पैकार सही

बेबाक भोजपुरी

ग़म-ए-आफ़ाक़ में आरिफ़ अगर करवट बदलता है

बेबाक भोजपुरी

फ़स्ल-ए-बहार जाने ये क्या गुल कतर गई

बेबाक भोजपुरी

बड़ी दिल-शिकन है रह-ए-सफ़र कोई हम-सफ़र है न यार है

बेबाक भोजपुरी

झोंके आते हैं बू-ए-उल्फ़त के

बयान यज़दानी

हज़ारों दिल मसल कर पैर से झुँझला के यूँ बोले

बयान मेरठी

हवा-ए-वहशत दिल ले उड़ी कहाँ से कहाँ

बयान मेरठी

दिल आया है क़यामत है मिरा दिल

बयान मेरठी

ये मैं कहूँगा फ़लक पे जा कर ज़मीं से आया हूँ तंग आ कर

बयान मेरठी

सर-ए-शोरीदा पा-ए-दश्त-ए-पैमा शाम-ए-हिज्राँ था

बयान मेरठी

ख़ूँ बहाने के हैं हज़ार तरीक़

बयान मेरठी

खुला है जल्वा-ए-पिन्हाँ से अज़-बस चाक वहशत का

बयान मेरठी

ग़म्ज़ा-ए-मा'शूक़ मुश्ताक़ों को दिखलाती है तेग़

बयान मेरठी

दिल उचकेगी कि बिखरी है अड़ी है

बयान मेरठी

चराग़-ए-हुस्न है रौशन किसी का

बयान मेरठी

बदलने रंग सिखलाए जहाँ को

बयान मेरठी

ज़ुल्फ़ तेरी ने परेशाँ किया ऐ यार मुझे

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

ये ख़ूब-रू न छुरी ने कटार रखते हैं

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

तेग़ चढ़ उस की सान पर आई

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

मत सता मुझ को आन आन अज़ीज़

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

मैं तिरे डर से रो नहीं सकता

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

ले के दिल उस शोख़ ने इक दाग़ सीने पर दिया

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

कोई किसी का कहीं आश्ना नहीं देखा

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

कहता है कौन हिज्र मुझे सुब्ह ओ शाम हो

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

कहा अग़्यार का हक़ में मिरे मंज़ूर मत कीजो

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

जो ज़मीं पर फ़राग़ रखते हैं

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

फ़रहाद किस उम्मीद पे लाता है जू-ए-शीर

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

दिल अब उस दिल-शिकन के पास कहाँ

बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान

ज़ब्त-ए-ग़म कर भी लिया तो क्या किया

बासित भोपाली

वारफ़्तगी-ए-इश्क़ न जाए तो क्या करें

बासित भोपाली

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.