दिल Poetry (page 362)

नहीं आसान तर्क-ए-इश्क़ करना दिल से ग़म जाना

अख़्तर अंसारी अकबराबादी

न राज़-ए-इब्तिदा समझो न राज़-ए-इंतिहा समझो

अख़्तर अंसारी अकबराबादी

ना जाने क़ाफ़िले पोशीदा किस ग़ुबार में हैं

अख़्तर अंसारी अकबराबादी

कैफ़ियत क्या थी यहाँ आलम-ए-ग़म से पहले

अख़्तर अंसारी अकबराबादी

फ़सुर्दा हो के मयख़ाने से निकले

अख़्तर अंसारी अकबराबादी

यारों के इख़्लास से पहले दिल का मिरे ये हाल न था

अख़्तर अंसारी

मैं किसी से अपने दिल की बात कह सकता न था

अख़्तर अंसारी

दूसरों का दर्द 'अख़्तर' मेरे दिल का दर्द है

अख़्तर अंसारी

ये सनम रिवायत-ओ-नक़्ल के हुबल-ओ-मनात से कम नहीं

अख़्तर अंसारी

तब्अ इशरत-पसंद रखता हूँ

अख़्तर अंसारी

सुना के अपने ऐश-ए-ताम की रूदाद के टुकड़े

अख़्तर अंसारी

सदा कुछ ऐसी मिरे गोश-ए-दिल में आती है

अख़्तर अंसारी

पुर-कैफ़ ज़ियाएँ होती हैं पुर-नूर उजाले होते हैं

अख़्तर अंसारी

फूल सूँघे जाने क्या याद आ गया

अख़्तर अंसारी

मुतरिब-ए-दिल की वो तानें क्या हुईं

अख़्तर अंसारी

मोहब्बत करने वालों के बहार-अफ़रोज़ सीनों में

अख़्तर अंसारी

मोहब्बत है अज़िय्यत है हुजूम-ए-यास-ओ-हसरत है

अख़्तर अंसारी

मैं दिल को चीर के रख दूँ ये एक सूरत है

अख़्तर अंसारी

लुत्फ़ ले ले के पिए हैं क़दह-ए-ग़म क्या क्या

अख़्तर अंसारी

कोई मआल-ए-मोहब्बत मुझे बताओ नहीं

अख़्तर अंसारी

जाँ-सिपारी के भी अरमाँ ज़िंदगी की आस भी

अख़्तर अंसारी

हयात इंसाँ की सर ता पा ज़बाँ मालूम होती है

अख़्तर अंसारी

हर वक़्त नौहा-ख़्वाँ सी रहती हैं मेरी आँखें

अख़्तर अंसारी

ग़म-ज़दा हैं मुब्तला-ए-दर्द हैं नाशाद हैं

अख़्तर अंसारी

ग़म-ए-हयात कहानी है क़िस्सा-ख़्वाँ हूँ मैं

अख़्तर अंसारी

दिल-ए-फ़सुर्दा में कुछ सोज़ ओ साज़ बाक़ी है

अख़्तर अंसारी

दिल के अरमान दिल को छोड़ गए

अख़्तर अंसारी

चीर कर सीने को रख दे गर न पाए ग़म-गुसार

अख़्तर अंसारी

चर्ख़ की सई-ए-जफ़ा कोशिश नाकारा है

अख़्तर अंसारी

बहार-ए-फ़िक्र के जल्वे लुटा दिए हम ने

अख़्तर अंसारी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.