दिल Poetry (page 384)

अगर कुछ ए'तिबार-ए-जिस्म-ओ-जाँ हो

आग़ाज़ बरनी

ये कैसे बाल खोले आए क्यूँ सूरत बनी ग़म की

आग़ा शायर

चलेगा नहीं मुझ पे फ़ुक़रा तुम्हारा

आग़ा शायर

पामाल कर के पूछते हैं किस अदा से वो

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

कलेजे में हज़ारों दाग़ दिल में हसरतें लाखों

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

इक बात कहें तुम से ख़फ़ा तो नहीं होगे

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

उन्स अपने में कहीं पाया न बेगाने में था

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

रोने से जो भड़ास थी दिल की निकल गई

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

न निकला मुँह से कुछ निकली न कुछ भी क़ल्ब-ए-मुज़्तर की

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

मैं ख़ुदी में मुब्तिला ख़ुद को मिटाने के लिए

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

लाख लाख एहसान जिस ने दर्द पैदा कर दिया

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

क्या ख़बर थी राज़-ए-दिल अपना अयाँ हो जाएगा

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

जब्र को इख़्तियार कौन करे

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

गिरी गिर कर उठी पलटी तो जो कुछ था उठा लाई

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

दिल सर्द हो गया है तबीअत बुझी हुई

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

बुतों के वास्ते तो दीन-ओ-ईमाँ बेच डाले हैं

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

बहार आई है फिर चमन में नसीम इठला के चल रही है

आग़ा शाएर क़ज़लबाश

गर एक शब भी वस्ल की लज़्ज़त न पाए दिल

आग़ा मोहम्मद तक़ी

गो हवा-ए-गुलसिताँ ने मिरे दिल की लाज रख ली

आग़ा हश्र काश्मीरी

एक धुँदला सा तसव्वुर है कि दिल भी था यहाँ

आग़ा हश्र काश्मीरी

याद में तेरी जहाँ को भूलता जाता हूँ मैं

आग़ा हश्र काश्मीरी

तुम और फ़रेब खाओ बयान-ए-रक़ीब से

आग़ा हश्र काश्मीरी

सू-ए-मय-कदा न जाते तो कुछ और बात होती

आग़ा हश्र काश्मीरी

चोरी कहीं खुले न नसीम-ए-बहार की

आग़ा हश्र काश्मीरी

लिक्खा है जो तक़दीर में होगा वही ऐ दिल

आग़ा हज्जू शरफ़

क्या बुझाएगा मिरे दिल की लगी वो शोला-रू

आग़ा हज्जू शरफ़

कहा जो मैं ने मेरे दिल की इक तस्वीर खिंचवा दो

आग़ा हज्जू शरफ़

दुखा देते हो तुम दिल को तो बढ़ जाता है दिल मेरा

आग़ा हज्जू शरफ़

वो रंगत तू ने ऐ गुल-रू निकाली

आग़ा हज्जू शरफ़

उड़ कर सुराग़-ए-कूचा-ए-दिलबर लगाइए

आग़ा हज्जू शरफ़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.