जान Poetry (page 25)

आज इंकार न फ़रमाइए आप

रिन्द लखनवी

आफ़त शब-ए-तन्हाई की टल जाए तो अच्छा

रिन्द लखनवी

यूँही गर लुत्फ़ तुम लेते रहोगे ख़ूँ बहाने में

रिफ़अत सेठी

जो सैल-ए-दर्द उठा था वो जान छोड़ गया

रियाज़ मजीद

बदल सका न जुदाई के ग़म उठा कर भी

रियाज़ मजीद

आँच आएगी न अंदर की ज़बाँ तक ऐ दिल

रियाज़ मजीद

ये जो मुझ पर निखार है साईं

रहमान फ़ारिस

सर-ब-सर यार की मर्ज़ी पे फ़िदा हो जाना

रहमान फ़ारिस

बैठे हैं चैन से कहीं जाना तो है नहीं

रहमान फ़ारिस

बैठे हैं चैन से कहीं जाना तो है नहीं

रहमान फ़ारिस

वो मुंतज़िर हैं हमारे तो हम किसी के हैं

रेहाना रूही

तेरी गली को छोड़ के जाना तो है नहीं

रेहाना रूही

शब-ओ-रोज़ रक़्स-ए-विसाल था सो नहीं रहा

रेहाना रूही

तुम किसी तौर किसी शक्ल नहीं कर सकते

राज़िक़ अंसारी

मुहक़क़िक़

रज़ा नक़वी वाही

हुस्न की फ़ितरत में दिल-आज़ारियाँ

रज़ा लखनवी

क्या पूछते हो मुझ को मोहब्बत में क्या मिला

रज़ा जौनपुरी

ख़राब-ए-इश्क़ सही आलम-ए-शुहूद में हूँ

रज़ा हमदानी

है ग़नीमत ये फ़रेब-ए-शब-ए-व'अदा ऐ दिल

रज़ा हमदानी

वबाल-ए-जान हर इक बाल है म्याँ

रज़ा अज़ीमाबादी

नाज़ का मारा हुआ हूँ मैं अदा की सौगंद

रज़ा अज़ीमाबादी

अब्र के बिन देखे हरगिज़ ख़ुश दिल-ए-मस्ताँ न हो

रज़ा अज़ीमाबादी

दामन से अपने झाड़ के सहरा-ए-ग़म की धूल

रज़ा अश्क

सख़्त जान-लेवा है सादगी मोहब्बत की

रविश सिद्दीक़ी

ज़हर-ए-चश्म-ए-साक़ी में कुछ अजीब मस्ती है

रविश सिद्दीक़ी

वो निकहत-ए-गेसू फिर ऐ हम-नफ़साँ आई

रविश सिद्दीक़ी

चला है ले के मुझे ज़ौक़-ए-जुस्तुजू मेरा

रविश सिद्दीक़ी

न बातें कीं न तस्कीं दी न पहलू में ज़रा ठहरे

रौनक़ टोंकवी

हम हैं हुशियार क्या इरादा है

रौनक़ टोंकवी

बहुत रुस्वा क्या इस आशिक़ी ने हर गली मुझ को

रऊफ़ यासीन जलाली

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.