शाम Poetry (page 31)

आइना सामने रखोगे तो याद आऊँगा

राजेन्द्र नाथ रहबर

अब है दुआ ये अपनी हर शाम हर सहर को

रजब अली बेग सुरूर

मरीज़-ए-हिज्र को सेहत से अब तो काम नहीं

रजब अली बेग सुरूर

इस तरह आह कल हम उस अंजुमन से निकले

रजब अली बेग सुरूर

जब शाम जन्नत में हुई

राजा मेहदी अली ख़ाँ

ज़ौक़-ए-सुजूद ले गया मुझ को कहाँ कहाँ

राज कुमार सूरी नदीम

'नदीम' उन की ज़बाँ पर फिर हमारा नाम है शायद

राज कुमार सूरी नदीम

दुआ ने काम किया है यक़ीं नहीं आता

राज कुमार क़ैस

तिरे सुलूक का ग़म सुब्ह-ओ-शाम क्या करते

रईस सिद्दीक़ी

तिरे सुलूक का ग़म सुब्ह-ओ-शाम क्या करते

रईस सिद्दीक़ी

सड़कों पे घूमने को निकलते हैं शाम से

रईस फ़रोग़

फ़ज़ा उदास है सूरज भी कुछ निढाल सा है

रईस फ़रोग़

आँखों के कश्कोल शिकस्ता हो जाएँगे शाम को

रईस फ़रोग़

ज़मीं पर रौशनी ही रौशनी है

रईस अमरोहवी

सियाह है दिल-ए-गीती सियाह-तर हो जाए

रईस अमरोहवी

सियाह है दिल-ए-गीती सियाह-तर हो जाए

रईस अमरोहवी

'रईस' हम जो सू-ए-कूचा-ए-हबीब चले

रईस अमरोहवी

राज़-ए-गिरफ़्तगी न असीर-ए-लहन से पूछ

रईस अमरोहवी

ख़ामोश ज़िंदगी जो बसर कर रहे हैं हम

रईस अमरोहवी

ग़ुरूब-ए-मेहर का मातम है गुलिस्तानों में

रईस अमरोहवी

गर्द में अट रहे हैं एहसासात

रईस अमरोहवी

वस्ल के मरहले से हिज्र की मंज़िल की तरफ़

राहुल झा

क्यूँ न हम याद किसी को सहर-ओ-शाम करें

रहमत इलाही बर्क़ आज़मी

दिल छोड़ के हर राहगुज़र ढूँढ रहा हूँ

रहमत इलाही बर्क़ आज़मी

फिर जो कटती नहीं उस रात से ख़ौफ़ आता है

रहमान हफ़ीज़

नाकाम मेरी कोशिश-ए-ज़ब्त-ए-अलम नहीं

राही शहाबी

न शिकवे हैं न फ़रियादें न आहें हैं न नाले हैं

राही शहाबी

बे-नाम सी ख़लिश कि जो दिल में जिगर में है

राही शहाबी

अश्क आँखों में और दिल में आहों के शरर देखे

राही शहाबी

तश्बीब

राही मासूम रज़ा

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.