शमा Poetry (page 8)

इक शहंशाह ने बनवा के....

शकील बदायुनी

तौफ़-ए-हरम न देर की गहराइयों में है

शकील बदायुनी

रौशनी साया-ए-ज़ुल्मात से आगे न बढ़ी

शकील बदायुनी

राह-ए-ख़ुदा में आलम-ए-रिन्दाना मिल गया

शकील बदायुनी

लुत्फ़-ए-निगाह-ए-नाज़ की तोहमत उठाए कौन

शकील बदायुनी

हम हैं और उन की ख़ुशी है आज-कल

शकील बदायुनी

फ़रेब-ए-मोहब्बत से ग़ाफ़िल नहीं हूँ

शकील बदायुनी

आँख उन को देखती है नज़ारा किए बग़ैर

शकील बदायुनी

प्यार की जोत से घर घर है चराग़ाँ वर्ना

शकेब जलाली

शफ़क़ जो रू-ए-सहर पर गुलाल मलने लगी

शकेब जलाली

मौज-ए-ग़म इस लिए शायद नहीं गुज़री सर से

शकेब जलाली

कब ये दिल ओ दिमाग़ है मिन्नत-ए-शम्अ खींचिए

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

हाजत चराग़ की है कब अंजुमन में दिल के

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

तू देख उसे सब जा आँखों के उठा पर्दे

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

न तन में उस्तुख़्वान ने रग रही है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

मैं अपने दस्त पर शब ख़्वाब में देखा कि अख़गर था

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

क्या हुआ गर शैख़ यारो हाजी-उल-हरमैन है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

हो रहा है अब्र और करता है वो जानाना रक़्स

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

गुल की और बुलबुल की सोहबत को चमन का शाना है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

देखना उस की तजल्ली का जिसे मंज़ूर है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

आब-ए-हयात जा के किसू ने पिया तो क्या

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

रौशन भी करोगे कभी तारीकी-ए-शब को

शहज़ाद अहमद

कुछ तज़किरा-ए-हुस्न से रौशन थे दर-ओ-बाम

शहज़ाद अहमद

बुझ गई शम्अ कटी रात गई सब महफ़िल

शहज़ाद अहमद

ये भी सच है कि नहीं है कोई रिश्ता तुझ से

शहज़ाद अहमद

शहर का शहर अगर आए भी समझाने को

शहज़ाद अहमद

कितनी बे-नूर थी दिन भर नज़र-ए-परवाना

शहज़ाद अहमद

ख़ल्क़ ने छीन ली मुझ से मिरी तन्हाई तक

शहज़ाद अहमद

जो दिल में खटकती है कभी कह भी सकोगे

शहज़ाद अहमद

फ़स्ल-ए-गुल ख़ाक हुई जब तो सदा दी तू ने

शहज़ाद अहमद

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.