वफ़ा Poetry (page 49)

ज़िंदगी कर गई तूफ़ाँ के हवाले मुझ को

दानिश अलीगढ़ी

ज़िक्र-ए-मेहर-ओ-वफ़ा तो हम करते

दाग़ देहलवी

उड़ गई यूँ वफ़ा ज़माने से

दाग़ देहलवी

जाओ भी क्या करोगे मेहर-ओ-वफ़ा

दाग़ देहलवी

उज़्र उन की ज़बान से निकला

दाग़ देहलवी

तुम्हारे ख़त में नया इक सलाम किस का था

दाग़ देहलवी

तुम आईना ही न हर बार देखते जाओ

दाग़ देहलवी

शब-ए-वस्ल ज़िद में बसर हो गई

दाग़ देहलवी

ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए

दाग़ देहलवी

खुलता नहीं है राज़ हमारे बयान से

दाग़ देहलवी

इस अदा से वो जफ़ा करते हैं

दाग़ देहलवी

हाथ निकले अपने दोनों काम के

दाग़ देहलवी

ग़ज़ब किया तिरे वअ'दे पे ए'तिबार किया

दाग़ देहलवी

ग़म से कहीं नजात मिले चैन पाएँ हम

दाग़ देहलवी

ग़ैर को मुँह लगा के देख लिया

दाग़ देहलवी

दिल मुब्तला-ए-लज़्ज़त-ए-आज़ार ही रहा

दाग़ देहलवी

बात मेरी कभी सुनी ही नहीं

दाग़ देहलवी

अब वो ये कह रहे हैं मिरी मान जाइए

दाग़ देहलवी

आरज़ू है वफ़ा करे कोई

दाग़ देहलवी

आप का ए'तिबार कौन करे

दाग़ देहलवी

लोग जिन को आज तक बार-ए-गराँ समझा किए

डी. राज कँवल

किसी ने बा-वफ़ा समझा किसी ने बेवफ़ा समझा

डी. राज कँवल

ये हादसा मिरी आँखों से गर नहीं होता

चित्रांश खरे

काएनात-ए-आरज़ू में हम बसर करने लगे

चित्रांश खरे

जो मेरी छत का रस्ता चाँद ने देखा नहीं होता

चित्रांश खरे

उम्मीद तो बंध जाती तस्कीन तो हो जाती

चराग़ हसन हसरत

या-रब ग़म-ए-हिज्राँ में इतना तो किया होता

चराग़ हसन हसरत

क़रार खो के चले बे-क़रार हो के चले

चरख़ चिन्योटी

क़रार खो के चले बे-क़रार हो के चले

चरख़ चिन्योटी

सर उठा के मत चलिए आज के ज़माने में

चरण सिंह बशर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.