याद Poetry (page 31)

नाला शब-ए-फ़िराक़ जो कोई निकल गया

सरदार गेंडा सिंह मशरिक़ी

जो तुम्हें याद किया करते हैं

सरदार गेंडा सिंह मशरिक़ी

आता रहा हूँ याद मैं उस को तमाम उम्र

सदार आसिफ़

ये लफ़्ज़ लफ़्ज़ शोला-बयानी उसी की है

सदार आसिफ़

लफ़्ज़ों का ये ख़ज़ाना तिरे नाम कब हुआ

सदार आसिफ़

हो लेने दो बारिश हम भी रो लेंगे

सदार आसिफ़

सभी ने लगाया है चेहरे पे चेहरा

सरदार अंजुम

कभी कभी तू मुझे याद कर तो लेती है

सरदार अंजुम

चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएँ

सरदार अंजुम

चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएँ

सरदार अंजुम

सितमगर तुझ से हम कब शिकवा-ए-बेदाद करते हैं

सरस्वती सरन कैफ़

जीना मरना दोनों मुहाल

सरस्वती सरन कैफ़

ऐ मेरे सर-सब्ज़ ख़ुदा

सारा शगुफ़्ता

आधा कमरा

सारा शगुफ़्ता

इबरत-ए-दहर हो गया जब से छुपा मज़ार में

साक़िब लखनवी

हज़ार फूल लिए मौसम-ए-बहार आए

साक़िब लखनवी

हर नफ़स इक मुस्तक़िल फ़रियाद है

साक़िब कानपुरी

नए चराग़ जला याद के ख़राबे में

साक़ी फ़ारुक़ी

मिरा अकेला ख़ुदा याद आ रहा है मुझे

साक़ी फ़ारुक़ी

इक याद की मौजूदगी सह भी नहीं सकते

साक़ी फ़ारुक़ी

दुनिया

साक़ी फ़ारुक़ी

वो ख़ुश-ख़िराम कि बुर्ज-ए-ज़वाल में न मिला

साक़ी फ़ारुक़ी

तुझे ख़बर है तुझे याद क्यूँ नहीं करते

साक़ी फ़ारुक़ी

शहर का शहर हुआ जान का प्यासा कैसा

साक़ी फ़ारुक़ी

पाँव मारा था पहाड़ों पे तो पानी निकला

साक़ी फ़ारुक़ी

मिरा अकेला ख़ुदा याद आ रहा है मुझे

साक़ी फ़ारुक़ी

मौत ने पर्दा करते करते पर्दा छोड़ दिया

साक़ी फ़ारुक़ी

मैं तेरे ज़ुल्म दिखाता हूँ अपना मातम करने के लिए

साक़ी फ़ारुक़ी

इक याद की मौजूदगी सह भी नहीं सकते

साक़ी फ़ारुक़ी

बदन चुराते हुए रूह में समाया कर

साक़ी फ़ारुक़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.