जीवन Poetry (page 70)

तुझे मैं ज़िंदगी अपनी समझ रहा था मगर

आरिफ़ शफ़ीक़

अंधे अदम वजूद के गिर्दाब से निकल

आरिफ़ शफ़ीक़

'आरिफ़'-हुसैन धोका सही अपनी ज़िंदगी

आरिफ़ शफ़ीक़

जो अपनी ख़्वाहिशों में तू ने कुछ कमी कर ली

आरिफ़ शफ़ीक़

दोज़ख़ भी क्या गुमान है जन्नत भी है फ़रेब

आरिफ़ शफ़ीक़

अंधे अदम वजूद के गिर्दाब से निकल

आरिफ़ शफ़ीक़

तो मिरी ज़िंदगी बनोगी तुम

आरिफ़ इशतियाक़

सब लहू जम गया उबाल के बीच

आरिफ़ इमाम

ज़हराब-ए-तिश्नगी का मज़ा हम से पूछिए

आरिफ़ अंसारी

कुछ मिरी सुन कुछ अपनी सुना ज़िंदगी

आरिफ़ अंसारी

हवस का रंग चढ़ा उस पे और उतर भी गया

अक़ील शादाब

असर मिरी ज़बान में नहीं रहा

अक़ील शादाब

डुबोए देता है ख़ुद-आगही का बार मुझे

अनवर सिद्दीक़ी

सभी ज़िंदगी के मज़े लूटते हैं

अनवर शऊर

मोहब्बत रही चार दिन ज़िंदगी में

अनवर शऊर

किया बादलों में सफ़र ज़िंदगी भर

अनवर शऊर

ये ख़ुद को देखते रहने की है जो ख़ू मुझ में

अनवर शऊर

मैं अपने-आप से पीछा छुड़ा के

अनवर शऊर

काफ़ी नहीं ख़ुतूत किसी बात के लिए

अनवर शऊर

जो जल उठी है शबिस्ताँ में याद सी क्या है

अनवर शऊर

फ़रिश्तों से भी अच्छा मैं बुरा होने से पहले था

अनवर शऊर

बशारत हो कि अब मुझ सा कोई पागल न आएगा

अनवर शऊर

आबाद अब न होगा मय-ख़ाना ज़िंदगी का

अनवर सहारनपुरी

उस के बग़ैर ज़िंदगी कितनी फ़ुज़ूल है

अनवर सदीद

उस की अना के बुत को बड़ा कर के देखते

अनवर सदीद

ज़ुल्मतों में रौशनी की जुस्तुजू करते रहो

अनवर साबरी

उन की महफ़िल में हमेशा से यही देखा रिवाज

अनवर साबरी

निगाह-ओ-दिल से गुज़री दास्ताँ तक बात जा पहुँची

अनवर साबरी

न तन्हा नस्तरीन ओ नस्तरन से इश्क़ है मुझ को

अनवर साबरी

कुछ अबरुओं पे बल भी हैं ख़ंदा-लबी के साथ

अनवर साबरी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.