Nazam Poetry (page 90)
यख़-ज़दा उँगलियाँ
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
वो अपने हाथ में दुनिया की तहज़ीबें उठाए आएगी
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
वो आँखें कँवल बनीं
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
उस से कह दो
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
थे गिफ़्ट ऑफ़ मैगी
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
शहर में
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
समुंदर की मेहरबानी
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
सलीब गिर पड़ी
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
साअ'त-ए-आग़ाज़ की बे-मानविय्यत
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
मुसलसल चलते रहने की ख़ुशी में
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
मॉन्सटर
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
ख़राबी है मोहब्बत में
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
ख़ाना-ब-दोशों का गीत
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
ज्योतिषी दिन महीनों का क़िस्सा सुनो
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
जो यूँ होता तो क्या होता
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
जी डरता है
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
इस छालिया के पेड़ के नीचे
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
हुजूम
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
फ़ना के लिए एक नज़्म
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
एक इत्तिफ़ाक़ी मौत की रूदाद
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
दरिया-ए-चार्ल्स के किनारे एक नज़्म
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
बे-इरादा ज़ीस्त कीजे
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
बर्फ़-बारी में
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
बंद घर का राज़
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
बहुत शोर है
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
बात नहीं हो सकती
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
और फिर चाँद निकलता है
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
और पानी ठहर गया
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
असीरी
मोहम्मद अनवर ख़ालिद
अपने नाम एक नज़्म
मोहम्मद अनवर ख़ालिद