Nazam Poetry (page 88)
रिश्ते
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
रिश्ता
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
क़ातिल
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
पिछली रात
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
मोहब्बत फिर से करते हैं
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
मेरी इक नज़्म
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
मैं उसे रोक न पाया
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
ख़ामोशी
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
कभी कभी
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
कबाड़-ख़ाना
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
जल्द-बाज़ी
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
इलाही रहम कर मुझ पर
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
गुज़ारिश
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
धुन
मोहसिन आफ़ताब केलापुरी
शौहर ने आज...
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
रौशन ख़याली
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
नक़ली आँख
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
न दी अंग्रेज़ ने 'ग़ालिब' को पेंशन
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
लंगोटी छीन ली
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
हम को देखे जो आँख वाला हो
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
छछूंदर
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
बुक़रात बहुत खाता था
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
अलामत के पस-मंज़र में
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
अफ़सर और घोड़ा
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
अभी भूक से एक चूहा मरा है
मोहम्मद यूसुफ़ पापा
ज़िंदगी
मोहम्मद तन्वीरुज़्ज़मां
ज़ाविए
मोहम्मद तन्वीरुज़्ज़मां
मोहब्बत मर नहीं सकती
मोहम्मद तन्वीरुज़्ज़मां
लख़्त-ए-जिगर
मोहम्मद ताहा खान
बैठे हैं
मोहम्मद ताहा खान