Nazam Poetry (page 87)

आज़ार

मुईन अहसन जज़्बी

ये पिछले इश्क़ की बातें हैं

मोहसिन नक़वी

वो शाख़-ए-महताब कट चुकी है

मोहसिन नक़वी

उस सम्त न जाना जान मिरी

मोहसिन नक़वी

तुम्हें क्या

मोहसिन नक़वी

तुम्हें किस ने कहा था

मोहसिन नक़वी

मुझे अब डर नहीं लगता

मोहसिन नक़वी

मिरी उदासी का ज़र्द मौसम

मोहसिन नक़वी

मेरे कमरे में उतर आई ख़मोशी फिर से

मोहसिन नक़वी

मिरा होना न होना

मोहसिन नक़वी

मैं ने अक्सर ख़्वाब में देखा

मोहसिन नक़वी

मैं सोचता हूँ

मोहसिन नक़वी

हवा उस से कहना

मोहसिन नक़वी

एक नए लफ़्ज़ की तख़्लीक़

मोहसिन नक़वी

दिसम्बर मुझे रास आता नहीं

मोहसिन नक़वी

चलो छोड़ो

मोहसिन नक़वी

भूल जाओ मुझे

मोहसिन नक़वी

बहुत दिनों बा'द

मोहसिन नक़वी

आज तन्हाई ने थोड़ा सा दिलासा जो दिया

मोहसिन नक़वी

सदा-कार

मोहसिन एहसान

क़ुर्ब

मोहसिन एहसान

किरदार

मोहसिन एहसान

एक नुक़्ता

मोहसिन एहसान

टेढ़ा सवाल

मोहसिन भोपाली

नेमुल-बदल

मोहसिन भोपाली

अगर यही है शायरी तो शायरी हराम है!

मोहसिन भोपाली

वस्ल

मोहसिन आफ़ताब केलापुरी

वक़्त

मोहसिन आफ़ताब केलापुरी

उदास चाँद

मोहसिन आफ़ताब केलापुरी

शायर

मोहसिन आफ़ताब केलापुरी