दिल Poetry (page 334)

कभी कभी तो ये दिल में सवाल उठता है

अनवर अंजुम

ये नर्म हाथ मरे हाथ में थमा दीजे

अनवर अंजुम

कोई सदा न दूर तलक नक़्श-ए-पा कोई

अनवर अंजुम

कब लज़्ज़तों ने ज़ेहन का पीछा नहीं किया

अनवर अंजुम

हुआ करे अगर उस को कोई गिला होगा

अनवर अंजुम

हुआ करे अगर उस को कोई गिला होगा

अनवर अंजुम

धूप हो गए साए जल गए शजर जैसे

अनवर अंजुम

चुप बैठा में अक्सर सोचता रहता हूँ

अनवर अंजुम

चाँद तारे जिसे हर शब देखें

अनवर अंजुम

नए दिनों के नए सहीफ़ों में ज़िक्र-ए-मेहर-ओ-वफ़ा नहीं है

अनवर अलीमी

ये क़िस्सा-ए-ग़म-ए-दिल है तो बाँकपन से चले

अनवर मोअज़्ज़म

ये ग़ज़ल की अंजुमन है ज़रा एहतिमाम कर लो

अनवर मोअज़्ज़म

हमें भूला नहीं अफ़्साना दिल का

अनवर मोअज़्ज़म

दीदा-ए-तर ने अजब जल्वागरी देखी है

अनवर मोअज़्ज़म

आओ देखें अहल-ए-वफ़ा की होती है तौक़ीर कहाँ

अनवर मोअज़्ज़म

आज कुछ यूँ शब-ए-तन्हाई का अफ़्साना चले

अनवर मोअज़्ज़म

इतना सन्नाटा है कुछ बोलते डर लगता है

अनवर महमूद खालिद

शहर-दर-शहर फ़ज़ाओं में धुआँ है अब के

अनवर महमूद खालिद

जो हो सका न मिरा उस को भूल जाऊँ मैं

अनवर महमूद खालिद

जो हो सका न मिरा उस को भूल जाऊँ मैं

अनवर महमूद खालिद

ये दिल ही जानता है फिर कहाँ कहाँ भटके

अनुभव गुप्ता

उसे यादों में जब लाना मुसलसल कर दिया मैं ने

अनुभव गुप्ता

सितम सहने की तय्यारी भी कोई चीज़ होती है

अनुभव गुप्ता

फ़ज़ा-ए-दिल में घनी तीरगी सी लगती है

अनुभव गुप्ता

दिल यही सोच के बेताब हुआ जाता है

अनुभव गुप्ता

हयात-ए-राएगाँ है और मैं हूँ

अंजुम सिद्दीक़ी

मेरे चेहरे पे हैं आँखें मिरे सीने में है दिल

अंजुम सलीमी

मैं दिल-ए-गिरफ़्ता तुझे गुनगुनाता रहता हूँ

अंजुम सलीमी

कैसी होती हैं उदासी की जड़ें

अंजुम सलीमी

इतना बे-ताब न हो मुझ से बिछड़ने के लिए

अंजुम सलीमी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.