दिल Poetry (page 333)

मुझे ख़ुद से भी खटका सा लगा था

अनवर मसूद

मैं देख भी न सका मेरे गिर्द क्या गया था

अनवर मसूद

कैसी कैसी आयतें मस्तूर हैं नुक़्ते के बीच

अनवर मसूद

इशारतों की वो शर्हें वो तज्ज़िया भी गया

अनवर मसूद

दुनिया भी अजब क़ाफ़िला-ए-तिश्ना-लबाँ है

अनवर मसूद

दरमियाँ गर न तिरा वादा-ए-फ़र्दा होता

अनवर मसूद

अब कहाँ और किसी चीज़ की जा रक्खी है

अनवर मसूद

कहाँ तक मुझ को ठुकराएगी दुनिया

अनवर ख़ान

तुम्हारे दिल में कोई और भी है मेरे सिवा

अनवर जमाल अनवर

दर्द-ए-दिल की दवा है माह-ए-नौ

अनवर जमाल अनवर

बे-घर था फिर छोड़ गया घर जाने क्यूँ

अनवर जमाल अनवर

ये दिल का कर्ब लबों तक कभी न आएगा

अनवार फ़िरोज़

शिकस्ता-पा ही सही दूर की सदा ही सही

अनवार फ़िरोज़

उन से हम लौ लगाए बैठे हैं

अनवर देहलवी

सूरत छुपाइए किसी सूरत-परस्त से

अनवर देहलवी

बे-तरह पड़ती है नज़र उन की

अनवर देहलवी

'अनवर' ने बदले जान के ली जिंस-ए-दर्द-ए-दिल

अनवर देहलवी

यूसुफ़-ए-हुस्न का हुस्न आप ख़रीदार रहा

अनवर देहलवी

उन से हम लौ लगाए बैठे हैं

अनवर देहलवी

नज़र आए क्या मुझ से फ़ानी की सूरत

अनवर देहलवी

न मैं समझा न आप आए कहीं से

अनवर देहलवी

मोहब्बत हो तो बर्क़-ए-जिस्म-ओ-जाँ हो

अनवर देहलवी

हो रहा है टुकड़े टुकड़े दिल मेरे ग़म-ख़्वार का

अनवर देहलवी

है भी और फिर नज़र नहीं आती

अनवर देहलवी

देखा जो मर्ग तो मरना ज़ियाँ न था

अनवर देहलवी

अश्क बेताब व निगह बे-बाक व चश्म-ए-तर ख़राब

अनवर देहलवी

अब अपना हाल हम उन्हें तहरीर कर चुके

अनवर देहलवी

आँखें दिखाईं ग़ैर को मेरी ख़ता के साथ

अनवर देहलवी

हमारे इश्क़ और उन के तग़ाफ़ुल का ये आलम है

अनवर बरेलवी

ये सरकारी शिफ़ा-ख़ाने में जो बीमार लेटे हैं

अनवर बरेलवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.