दिन Poetry (page 72)

धुँद का आँखों पर होगा पर्दा इक दिन

एजाज़ उबैद

ऐसे ही दिन थे कुछ ऐसी शाम थी

एजाज़ उबैद

उठा रखी है किसी ने कमान सूरज की

एजाज़ गुल

थम गई वक़्त की रफ़्तार तिरे कूचे में

एजाज़ गुल

पेश-तर जुम्बिश-ए-लब बात से पहले क्या था

एजाज़ गुल

पेचाक-ए-उम्र अपने सँवार आइने के साथ

एजाज़ गुल

मंज़र-ए-वक़्त की यकसानी में बैठा हुआ हूँ

एजाज़ गुल

किसे ख़याल था ऐसी भी साअ'तें होंगी

एजाज़ गुल

गलियों में भटकना रह-ए-आलाम में रहना

एजाज़ गुल

गली से अपनी उठाता है वो बहाने से

एजाज़ गुल

दुश्वार है अब रास्ता आसान से आगे

एजाज़ गुल

ढूँढता हूँ रोज़-ओ-शब कौन से जहाँ में है

एजाज़ गुल

ढूँढता हूँ रोज़-ओ-शब कौन से जहाँ में है

एजाज़ गुल

चल रहा हूँ पेश-ओ-पस-मंज़र से उकताया हुआ

एजाज़ गुल

अक्स उभरा न था आईना-ए-दिल-दारी का

एजाज़ गुल

तंहाई

एजाज़ फ़ारूक़ी

क्यूँ हर तरफ़ तू ख़्वार हुआ एहतिसाब कर

अहया भोजपुरी

बात अब आई समझ में कि हक़ीक़त क्या थी

एहसान दरबंगावी

किसे ख़बर थी कि ये दौर-ए-ख़ुद-ग़रज़ इक दिन

एहसान दानिश

वफ़ाएँ कर के जफ़ाओं का ग़म उठाए जा

एहसान दानिश

रहे जो ज़िंदगी में ज़िंदगी का आसरा हो कर

एहसान दानिश

मिरे मिटाने की तदबीर थी हिजाब न था

एहसान दानिश

कुछ लोग जो सवार हैं काग़ज़ की नाव पर

एहसान दानिश

जो ले के उन की तमन्ना के ख़्वाब निकलेगा

एहसान दानिश

जबीं की धूल जिगर की जलन छुपाएगा

एहसान दानिश

इश्क़ की दुनिया में इक हंगामा बरपा कर दिया

एहसान दानिश

बना देंगी दुनिया को इक दिन शराबी

एहसान दानिश

बुलाना और न जाना चाहता हूँ

डॉक्टर आज़म

हज़ारों बार कह कर बेवफ़ा को बा-वफ़ा मैं ने

दिवाकर राही

सब्र के दरिया में जब आ जाएगा

दिनेश ठाकुर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.