शोक Poetry (page 34)
क़ैद-ए-ग़म-ए-हयात से हम को छुड़ा लिया
शमीम करहानी
पी ले जो लहू दिल का वो इश्क़ की मस्ती है
शमीम करहानी
मुझे दैर से तअल्लुक़ न हरम से आश्नाई
शमीम करहानी
माना कि सई-ए-इश्क़ का अंजाम-कार क्या
शमीम करहानी
ख़ुद कोई चाक-गरेबाँ है रग-ए-जाँ के क़रीब
शमीम करहानी
ख़मोश किस लिए बैठे हो चश्म-ए-तर क्यूँ हो
शमीम करहानी
कौन है दर्द-आश्ना संग-दिली का दौर है
शमीम करहानी
जुनूँ तो है मगर आओ जुनूँ में खो जाएँ
शमीम करहानी
जो देखते हुए नक़्श-ए-क़दम गए होंगे
शमीम करहानी
हुजूम-ए-दर्द में ख़ंदाँ है कौन मेरे सिवा
शमीम करहानी
हमीं थे ऐसे सर-फिरे हमीं थे ऐसे मनचले
शमीम करहानी
गुलों पे साया-ए-ग़म-हा-ए-रोज़गार मिले
शमीम करहानी
ग़म दो आलम का जो मिलता है तो ग़म होता है
शमीम करहानी
चमन लहक के रह गया घटा मचल के रह गई
शमीम करहानी
चमन चमन जो ये सुब्ह-ए-बहार की ज़ौ है
शमीम करहानी
अगरचे इश्क़ में इक बे-ख़ुदी सी रहती है
शमीम करहानी
आ रही है शब-ए-ग़म मेरी तरफ़ मेरे लिए
शमीम करहानी
मिरी ख़ुशी से मिरे दोस्तों को ग़म है 'शमीम'
शमीम जयपुरी
बहुत तवील शब-ए-ग़म है क्या किया जाए
शमीम जयपुरी
ज़रा भी जिस की वफ़ा का यक़ीन आया है
शमीम जयपुरी
तिरे अहल-ए-दर्द के रोज़-ओ-शब इसी कश्मकश में गुज़र गए
शमीम जयपुरी
तर्क-ए-मोहब्बत पर भी होगी उन को नदामत हम से ज़ियादा
शमीम जयपुरी
साहिल पे लाई और सफ़ीने डुबो दिए
शमीम जयपुरी
सफ़ीना वो कभी शायान-ए-साहिल हो नहीं सकता
शमीम जयपुरी
रहम ऐ ग़म-ए-जानाँ बात आ गई याँ तक
शमीम जयपुरी
जो हँस हँस के हर ग़म गवारा करे है
शमीम जयपुरी
इस इल्तिफ़ात पर कोई दामन न थाम ले
शमीम जयपुरी
इलाही काश ग़म-ए-इश्क़ काम कर जाए
शमीम जयपुरी
हर शय तुझी को सामने लाए तो क्या करूँ
शमीम जयपुरी
हमारे साथ जिसे मौत से हो प्यार चले
शमीम जयपुरी
Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.
Sad Poetry in Urdu, 2 Lines Poetry in Urdu, Ahmad Faraz Poetry in Urdu, Sms Poetry in Urdu, Love Poetry in Urdu, Rahat Indori Poetry, Wasi Shah Poetry in Urdu, Faiz Ahmad Faiz Poetry, Anwar Masood Poetry Funny, Funnu Poetry in Urdu, Ghazal in Urdu, Romantic Poetry in Urdu, Poetry in Urdu for Friends