घर Poetry (page 42)

सलीब लाद के काँधे पे चल रहा हूँ मैं

सत्य नन्द जावा

वही है दश्त-ए-सफ़र रहगुज़र से आगे भी

सत्तार सय्यद

तुम्हारी मुंतज़िर यूँ तो हज़ारों घर बनाती हूँ

सरवत ज़ेहरा

ज़ौक़-ए-सुख़न को अब तो तेरे आग लगाना अच्छा है

सरवर नेपाली

मोहब्बत में कोई तन्हा सफ़र अच्छा नहीं लगता

सरवर नेपाली

जो लोग रह गए हैं मिरी दास्ताँ से दूर

सरवर नेपाली

अपने अपने घर जा कर सुख की नींद सो जाएँ

सरवत हुसैन

एक पुल बनाया जा रहा है

सरवत हुसैन

''एक नज़्म कहीं से भी शुरूअ हो सकती है''

सरवत हुसैन

दुश्वार दिन के किनारे

सरवत हुसैन

दस से ऊपर

सरवत हुसैन

दरख़्त मेरे दोस्त

सरवत हुसैन

चाहत

सरवत हुसैन

मुंहदिम होती हुई आबादियों में फ़ुर्सत-ए-यक-ख़्वाब होते

सरवत हुसैन

जंगल में कभी जो घर बनाऊँ

सरवत हुसैन

जब शाम हुई मैं ने क़दम घर से निकाला

सरवत हुसैन

जाने उस ने क्या देखा शहर के मनारे में

सरवत हुसैन

दश्त ले जाए कि घर ले जाए

सरवत हुसैन

आँखों में सौग़ात समेटे अपने घर आते हैं

सरवत हुसैन

हाँ मेरी महबूबा

सरमद सहबाई

सर झुका लेता था पहले जिस को अक्सर देख कर

सरमद सहबाई

बे-दिली में भी दिल बड़ा रखना

सरमद सहबाई

फिर ऐसा मोड़ इस क़िस्से में आया

सरफ़राज़ ज़ाहिद

मिल-जुल कर ईमान ख़ुदा पर ला सकते हैं

सरफ़राज़ ज़ाहिद

कभी होंटों पे ऐसा लम्स अपनी आँख खोले

सरफ़राज़ ज़ाहिद

बात तो ये है कि वो घर से निकलता भी नहीं

सरफ़राज़ ख़ालिद

ताबिश-ए-गेसू-ए-ख़मदार लिए फिरता है

सरफ़राज़ ख़ालिद

हम अपने जलते हुए घर को कैसे रो लेते

सरफ़राज़ दानिश

सफ़ीना मौज-ए-बला के लिए इशारा था

सरफ़राज़ दानिश

इस से पहले कि सर उतर जाएँ

सरफ़राज़ दानिश

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.