हुआ Poetry (page 144)

बादशाह-ए-वक़्त कोई और कोई मजबूर क्यूँ

फ़ातिमा वसीया जायसी

नज़्म

फ़ातिमा हसन

कौन ख़्वाहिश करे कि और जिए

फ़ातिमा हसन

जिन ख़्वाहिशों को देखती रहती थी ख़्वाब में

फ़ातिमा हसन

मुद्दत से वो ख़ुशबू-ए-हिना ही नहीं आई

फ़सीह अकमल

दे गया लिख कर वो बस इतना जुदा होते हुए

फ़सीह अकमल

चश्म-ए-हैरत को तअल्लुक़ की फ़ज़ा तक ले गया

फ़सीह अकमल

अदा हुआ न क़र्ज़ और वजूद ख़त्म हो गया

फ़रियाद आज़र

सुराग़ भी न मिले अजनबी सदा के मुझे

फ़रियाद आज़र

पड़ा था लिखना मुझे ख़ुद ही मर्सिया मेरा

फ़रियाद आज़र

इस तमाशे का सबब वर्ना कहाँ बाक़ी है

फ़रियाद आज़र

अदा हुआ न क़र्ज़ और वजूद ख़त्म हो गया

फ़रियाद आज़र

तिरे ख़िलाफ़ किया जब भी एहतिजाज ऐ दोस्त

फ़रताश सय्यद

वो भी गुमराह हो गया होगा

फ़रताश सय्यद

वो अपनी ज़ात में गुम था नहीं खुला मिरे साथ

फ़रताश सय्यद

वो अपनी ज़ात में गुम था नहीं खुला मेरे साथ

फ़रताश सय्यद

सफ़-ए-मातम पे जो हम नाचने गाने लग जाएँ

फ़रताश सय्यद

मैं अपने दिल की तरह आइना बना हुआ हूँ

फ़रताश सय्यद

दर-ए-फ़क़ीर पे जो आए वो दुआ ले जाए

फ़रताश सय्यद

यूँ भी होता है कि अपने-आप आवाज़ देना पड़ती है

फर्रुख यार

उजलत में पशेमानी का तज़्किरा

फर्रुख यार

मुझे खोल ताज़ा हवा में रख

फर्रुख यार

ख़बर मफ़क़ूद है लेकिन

फर्रुख यार

हम तो बस

फर्रुख यार

वो ख़ाली हाथ सफ़र-ए-आब पर रवाना हुआ

फ़र्रुख़ जाफ़री

था अबस ख़ौफ़ कि आसेब-ए-गुमाँ मैं ही था

फ़र्रुख़ जाफ़री

सोचते रहने से क्या क़िस्मत का लिक्खा जाएगा

फ़र्रुख़ जाफ़री

कटी पहाड़ सी शब इंतिज़ार करते हुए

फ़र्रुख़ जाफ़री

दिल की ये आग बुझा दी किस ने

फ़र्रुख़ जाफ़री

अबस ही महव-ए-शब-ओ-रोज़ वो दुआ में था

फ़र्रुख़ जाफ़री

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.