साथ Poetry (page 71)

ये मत कहो कि भीड़ में तन्हा खड़ा हूँ मैं

अज़्म शाकरी

पीरी नहीं चलती कि फ़क़ीरी नहीं चलती

अज़लान शाह

शायद यही किताब-ए-मोहब्बत हो ला-जवाब

अज़ीज़ुर्रहमान शहीद फ़तेहपुरी

लम्हों ने यूँ समेट लिया फ़ासला बहुत

अज़ीज़ुर्रहमान शहीद फ़तेहपुरी

जहान-ए-फ़िक्र-ओ-नज़र का सबात ले के गया

अज़ीज़ुर्रहमान शहीद फ़तेहपुरी

दिल में हमारे अब कोई अरमाँ नहीं रहा

अज़ीज़ वारसी

मुजस्समा

अज़ीज़ तमन्नाई

ज़िंदगी यूँ तो गुज़र जाती है आराम के साथ

अज़ीज़ तमन्नाई

उसी ने साथ दिया ज़िंदगी की राहों में

अज़ीज़ तमन्नाई

जिस को चलना है चले रख़्त-ए-सफ़र बाँधे हुए

अज़ीज़ तमन्नाई

हर एक रंग में यूँ डूब कर निखरते रहे

अज़ीज़ तमन्नाई

रफ़्तगाँ

अज़ीज़ क़ैसी

फ़स्ल-ए-राएगाँ

अज़ीज़ क़ैसी

पस-ए-तर्क-ए-इश्क़ भी उम्र-भर तरफ़-ए-मिज़ा पे तरी रही

अज़ीज़ क़ैसी

सर-ए-सहरा-ए-जाँ हम चाक-दामानी भी करते हैं

अज़ीज़ नबील

आतिश-ए-ख़ामोश

अज़ीज़ लखनवी

काम दुनिया में बहुत करना है

अज़ीज़ लखनवी

इंतिहा-ए-इश्क़ हो यूँ इश्क़ में कामिल बनो

अज़ीज़ लखनवी

बढ़ गईं गुस्ताख़ियाँ मेरी सज़ा के साथ साथ

अज़ीज़ हैदराबादी

नक़्शे उसी के दिल में हैं अब तक खिंचे हुए

अज़ीज़ हामिद मदनी

हवा आशुफ़्ता-तर रखती है हम आशुफ़्ता-हालों को

अज़ीज़ हामिद मदनी

ऐ शहर-ए-ख़िरद की ताज़ा हवा वहशत का कोई इनआम चले

अज़ीज़ हामिद मदनी

मैं एक बोरी में लाया हूँ भर के मूँग-फली

अज़ीज़ फ़ैसल

पड़ा है ज़िंदगी के इस सफ़र से साबिक़ा अपना

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

यही नहीं कि नज़र को झुकाना पड़ता है

अज़ीज अहमद ख़ाँ शफ़क़

ख़्वाहिश-ओ-ख़ाब के आगे भी कहीं जाना है

अज़ीम हैदर सय्यद

दाग़ चेहरे का यूँही छोड़ दिया जाता है

अज़हर नवाज़

रह गया दीदा-ए-पुर-आब का सामाँ हो कर

अज़हर नक़वी

जी रहा हूँ मैं उदासी भरी तस्वीर के साथ

अज़हर नैयर

ये मोहब्बत का फ़साना भी बदल जाएगा

अज़हर लखनवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.