रात Poetry (page 10)

यही तशवीश शब-ओ-रोज़ है बंगाले में

वाजिद अली शाह अख़्तर

जा बैठते हो ग़ैरों में ग़ैरत नहीं आती

वाजिद अली शाह अख़्तर

चाक चाक अपना गरेबाँ न हुआ था सो हुआ

वाजिद अली शाह अख़्तर

रात क़ातिल की गली हो जैसे

वजद चुगताई

ना-मुरादी ही लिखी थी सो वो पूरी हो गई

वजद चुगताई

लगाएँ आग ही दिल में कि कुछ उजाला हो

वजद चुगताई

ऐ मिशअल-ए-उम्मीद ये एहसान कम नहीं

वहशत रज़ा अली कलकत्वी

तीर-ए-नज़र ने ज़ुल्म को एहसाँ बना दिया

वहशत रज़ा अली कलकत्वी

पोशीदा देखती है किसी की नज़र मुझे

वहशत रज़ा अली कलकत्वी

आह-ए-शब नाला-ए-सहर ले कर

वहशत रज़ा अली कलकत्वी

दावत-ए-इंक़िलाब

वहीदुद्दीन सलीम

न पूछिए कि शब-ए-हिज्र हम पे क्या गुज़री

वाहिद प्रेमी

शिद्दत-ए-शौक़ असर-ख़ेज़ है जादू की तरह

वाहिद प्रेमी

सितम है दिल के धड़कने को भी क़रार कहें

वहीदा नसीम

सफ़ा मर्वा

वहीद क़ुरैशी

परोमीथियस

वहीद अख़्तर

मावरा

वहीद अख़्तर

खंडर आसेब और फूल

वहीद अख़्तर

दीमक

वहीद अख़्तर

तुम गए साथ उजालों का भी झूटा ठहरा

वहीद अख़्तर

शफ़्फ़ाफियाँ

वहीद अहमद

इलाज बिल-मिस्ल

वहीद अहमद

जिस जगह भी मिला घना साया

विश्वनाथ दर्द

सुकूत-ए-शब सितारों से हवा जब बात करती है

विश्मा ख़ान विश्मा

दीवार-ओ-दर सा चाहिए दीवार-ओ-दर मुझे

विशाल खुल्लर

मैं तो शब-ए-फ़िराक़ था तुम एक उम्र थी

विपुल कुमार

हर मुलाक़ात पे सीने से लगाने वाले

विपुल कुमार

सब के आगे नहीं बिखरना है

विकास शर्मा राज़

फिर वही शब वही सितारा है

विकास शर्मा राज़

फ़सील-ए-शब पे तारों ने लिखा क्या

विकास शर्मा राज़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.