Nazam Poetry (page 105)
देखो आहिस्ता चलो
गुलज़ार
दस्तक
गुलज़ार
चम्पई धूप
गुलज़ार
बोसकी
गुलज़ार
बे-ख़ुदी
गुलज़ार
बारिश होती है तो पानी को भी लग जाते हैं पाँव
गुलज़ार
बर्फ़ पिघलेगी
गुलज़ार
अलाव
गुलज़ार
अख़बार
गुलज़ार
अकेले
गुलज़ार
आदमी बुलबुला है
गुलज़ार
आदत
गुलज़ार
याद नहीं है
गुलनाज़ कौसर
वहम नहीं है
गुलनाज़ कौसर
शब डूब गई
गुलनाज़ कौसर
रात हर बार लिए
गुलनाज़ कौसर
मैं नहीं हूँ मगर
गुलनाज़ कौसर
किसी की याद का चेहरा
गुलनाज़ कौसर
हयात-ए-रवाँ
गुलनाज़ कौसर
दर्द
गुलनाज़ कौसर
बम धमाका
गुलनाज़ कौसर
शहर-ए-जाँ की फ़सीलों से बाहर
गुलाम जीलानी असग़र
जफ़ा-ए-दिल-शिकन
ग़ुलाम दस्तगीर मुबीन
तुलू-ए-शब
गोपाल मित्तल
सुब्ह-ए-काज़िब
गोपाल मित्तल
शब-ताब
गोपाल मित्तल
नज़्म
गोपाल मित्तल
नज़्म
गोपाल मित्तल
नज़्म
गोपाल मित्तल
नज़्म
गोपाल मित्तल