Nazam Poetry (page 109)

तेज़ाब, आकार ख़ुश्बू का

फ़ारूक़ नाज़की

सुनहरी दरवाज़े के बाहर

फ़ारूक़ नाज़की

नींद क्यूँ नहीं आती

फ़ारूक़ नाज़की

मौत

फ़ारूक़ नाज़की

मातम-ए-नीम-ए-शब

फ़ारूक़ नाज़की

एक परी आकाश से उतरी

फ़ारूक़ नाज़की

एक नज़्म जंगलों के नाम

फ़ारूक़ नाज़की

एहसास

फ़ारूक़ नाज़की

बचपन

फ़ारूक़ नाज़की

और मैं चुप रहा

फ़ारूक़ नाज़की

तआ'क़ुब

फ़ारूक़ मुज़्तर

शहर की आँखों में

फ़ारूक़ मुज़्तर

शहर

फ़ारूक़ मुज़्तर

सहर के उफ़ुक़ से

फ़ारूक़ मुज़्तर

सब्ज़ आग़ाज़ से सुर्ख़ अंजाम तक

फ़ारूक़ मुज़्तर

नज़्म

फ़ारूक़ मुज़्तर

नजात

फ़ारूक़ मुज़्तर

मौसम

फ़ारूक़ मुज़्तर

कतबा

फ़ारूक़ मुज़्तर

दीवार

फ़ारूक़ मुज़्तर

अपनी आग में

फ़ारूक़ मुज़्तर

अंधा सफ़र

फ़ारूक़ मुज़्तर

ज़रा सी देर में

फ़ारूक़ बख़्शी

वो चाँद-चेहरा सी एक लड़की

फ़ारूक़ बख़्शी

वो बस्ती याद आती है

फ़ारूक़ बख़्शी

शिकायत

फ़ारूक़ बख़्शी

शहर-ए-दोस्त

फ़ारूक़ बख़्शी

कभी आओ

फ़ारूक़ बख़्शी

जब हम पहली बार मिले थे

फ़ारूक़ बख़्शी

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फ़रखंदा नसरीन हयात