Nazam Poetry (page 57)

रक़्स

राजेन्द्र मनचंदा बानी

'नून-मीम-राशिद' के इंतिक़ाल पर

राजेन्द्र मनचंदा बानी

नफ़ी सारे हिसाबों की

राजेन्द्र मनचंदा बानी

न क़ाएल होते हैं न ज़ाइल

राजेन्द्र मनचंदा बानी

मामूल

राजेन्द्र मनचंदा बानी

कोई ख़्वाब ख़्वाब सा फ़ासला

राजेन्द्र मनचंदा बानी

जीना है मुझे

राजेन्द्र मनचंदा बानी

इधर की आवाज़ इस तरफ़ है

राजेन्द्र मनचंदा बानी

हर्फ़-ए-ग़ैर

राजेन्द्र मनचंदा बानी

हर जाद-ए-शहर

राजेन्द्र मनचंदा बानी

औरत कुत्ता और पड़ोस

राजेन्द्र मनचंदा बानी

आख़िरी मौसम

राजेन्द्र मनचंदा बानी

आख़िरी बस

राजेन्द्र मनचंदा बानी

तुम्हारी याद

राजेन्द्र नाथ रहबर

तेरे ख़ुशबू में बसे ख़त

राजेन्द्र नाथ रहबर

नई दुनिया

राजेन्द्र नाथ रहबर

आ जाना

राजेन्द्र नाथ रहबर

ये सास है कि शेर छुपा है नक़ाब में

राजा मेहदी अली ख़ाँ

क़स्र-ए-वीराँ

राजा मेहदी अली ख़ाँ

पीर और मुरीद

राजा मेहदी अली ख़ाँ

फूल और काँटा

राजा मेहदी अली ख़ाँ

पार्टीशन

राजा मेहदी अली ख़ाँ

मियाँ के दोस्त

राजा मेहदी अली ख़ाँ

ख़ुद-कुशी

राजा मेहदी अली ख़ाँ

ख़रगोशों की ग़ज़ल

राजा मेहदी अली ख़ाँ

जमाल-ज़ादा

राजा मेहदी अली ख़ाँ

जब शाम जन्नत में हुई

राजा मेहदी अली ख़ाँ

हमें हमारी बीवियों से बचाओ

राजा मेहदी अली ख़ाँ

एक चेहलुम पर

राजा मेहदी अली ख़ाँ

चोर की दुआ

राजा मेहदी अली ख़ाँ