दम Poetry (page 15)

आप के दम से तो दुनिया का भरम है क़ाएम

शाहिद कबीर

रेत की लहरों से दरिया की रवानी माँगे

शाहिद कबीर

बे-सबब बात बढ़ाने की ज़रूरत क्या है

शाहिद कबीर

नक़्द-ए-दिल-ओ-जाँ उस की ख़ातिर रहन-ए-जाम करो

शाहिद इश्क़ी

महताब है न अक्स-ए-रुख़-ए-यार अब कोई

शाहिद इश्क़ी

ग़ैर की आग में कोई भी न जलना चाहे

शाहिद इश्क़ी

जुनून-ए-शौक़ की राहों में जब अपने क़दम निकले

शाहिद भोपाली

बाज़ार

शाहिद अख़्तर

आस

शाहिद अख़्तर

वो बे-नियाज़ शब-ओ-रोज़-ओ-माह-ओ-साल गया

शाहिद अहमद शोएब

दुनिया ने बस थका ही दिया काम कम हुए

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

सो गया ओढ़ के फिर शब की क़बाएँ सूरज

शहबाज़ ख़्वाजा

तस्ख़ीर-ए-फ़ितरत के बअ'द

शहाब जाफ़री

क़ैद-ए-इम्काँ से तमन्ना थी गमीं छूट गई

शहाब जाफ़री

नहीं है फ़ुर्सत-ए-इक-दम प आह उस को नज़र

शाह नसीर

जूँ मौज हाथ मारिए क्या बहर-ए-इश्क़ में

शाह नसीर

ग़रज़ न फ़ुर्क़त में कुफ़्र से थी न काम इस्लाम से रहा था

शाह नसीर

ज़ुल्फ़ का क्या उस की चटका लग गया

शाह नसीर

उस काकुल-ए-पुर-ख़म का ख़लल जाए तो अच्छा

शाह नसीर

उधर अब्र ले चश्म-ए-नम को चला

शाह नसीर

टाँकों से ज़ख़्म-ए-पहलू लगता है कंखजूरा

शाह नसीर

सुब्ह-ए-गुलशन में हो गर वो गुल-ए-ख़ंदाँ पैदा

शाह नसीर

सरज़मीन-ए-ज़ुल्फ़ में क्या दिल ठिकाने लग गया

शाह नसीर

पामाल-ए-राह-ए-इश्क़ हैं ख़िल्क़त की खा ठोकर भी हम

शाह नसीर

निकहत-ए-गुल हैं या सबा हैं हम

शाह नसीर

न दिखाइयो हिज्र का दर्द-ओ-अलम तुझे देता हूँ चर्ख़-ए-ख़ुदा की क़सम

शाह नसीर

मिल बैठने ये दे है फ़लक एक दम कहाँ

शाह नसीर

मेरी तुर्बत पर चढ़ाने ढूँडता है किस के फूल

शाह नसीर

मैं ज़ोफ़ से जूँ नक़्श-ए-क़दम उठ नहीं सकता

शाह नसीर

क्यूँ न कहें बशर को हम आतिश-ओ-आब ओ ख़ाक-ओ-बाद

शाह नसीर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.