दर Poetry (page 14)

छत की कड़ियाँ जाँच ले दीवार-ओ-दर को देख ले

तनवीर सिप्रा

दश्त में जो भी है जैसा मिरा देखा हुआ है

तनवीर सामानी

चार साल बा'द

तनवीर अंजुम

लम्हा-दर-लम्हा गुज़रता ही चला जाता है

तनवीर अहमद अल्वी

लम्हा-दर-लम्हा गुज़रता ही चला जाता है

तनवीर अहमद अल्वी

लम्हा-दर-लम्हा गुज़रता ही चला जाता है

तनवीर अहमद अल्वी

दिल के भूले हुए अफ़्साने बहुत याद आए

तनवीर अहमद अल्वी

अजीब शख़्स है पत्थर से पर बनाता है

तनवीर अहमद अल्वी

बात कुछ यूँ है कि ये ख़ौफ़ का मंज़र तो नहीं

तन्हा तिम्मापुरी

माल-ओ-ज़र की क़द्र क्या ख़ून-ए-जिगर के सामने

तालिब हुसैन तालिब

दर्द-ए-दिल को दास्ताँ-दर-दास्ताँ होने तो दो

तल्हा रिज़वी बारक़

बेगानगी में यूँही गुज़ारा करेंगे हम

तलअत इशारत

दूर तक परछाइयाँ सी हैं रह-ए-अफ़्कार पर

तख़्त सिंह

मोहब्बत में ज़ियाँ-कारी मुराद-ए-दिल न बन जाए

ताजवर नजीबाबादी

ऐ आरज़ू-ए-शौक़ तुझे कुछ ख़बर है आज

ताजवर नजीबाबादी

शहर के दीवार-ओ-दर पर रुत की ज़र्दी छाई थी

ताज सईद

जी में आता है कि चल कर जंगलों में जा रहें

ताज सईद

वो कम-सुख़न न था पर बात सोच कर करता

तैमूर हसन

इक हवेली हूँ उस का दर भी हूँ

तहज़ीब हाफ़ी

इक वहशत सी दर आई है आँखों में

ताहिर अज़ीम

लहरों में भँवर निकलेंगे मेहवर न मिलेगा

तफ़ज़ील अहमद

शायरों का जब्र

ताबिश कमाल

सारबान

ताबिश कमाल

बे-घरी

ताबिश कमाल

न देखें तो सुकूँ मिलता नहीं है

ताबिश कमाल

अजीब सुब्ह थी दीवार ओ दर कुछ और से थे

ताबिश कमाल

'ताबिश' हवस-ए-लज़्ज़त-ए-आज़ार कहाँ तक

ताबिश देहलवी

पाबंदी-ए-हुदूद से बेगाना चाहिए

ताबिश देहलवी

एक जल्वा ब-सद अंदाज़-ए-नज़र देख लिया

ताबिश देहलवी

अज़ाब टूटे दिलों को हर इक नफ़स गुज़रा

ताबिश देहलवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.