दर Poetry (page 92)

ऐ दिल न सुन अफ़्साना किसी शोख़ हसीं का

अहसन मारहरवी

लहू-लुहान सा मंज़र हमारी आँख में है

अहसन इमाम अहसन

तिरे पास रह कर सँवर जाऊँगा मैं

अहमद निसार

क्या पता किस जुर्म की किस को सज़ा देता हूँ मैं

अहमद ज़फ़र

आसमाँ की आँख सूरज चाँद बीनाई भी है

अहमद ज़फ़र

अपनी ही आवाज़ के क़द के बराबर हो गया

अहमद तनवीर

ये वक़्त रौशनी का मुख़्तसर है

अहमद शनास

मोहब्बतों को कहीं और पाल कर देखो

अहमद शनास

न दस्तकें न सदा कौन दर पे आया है

अहमद शहरयार

फैल रहा है ये जो ख़ाली होने का डर मुझ में

अहमद शहरयार

ग़ुबार-ए-वक़्त के गर आर-पार देखिएगा

अहमद शहरयार

सारा आलम धुआँ धुआँ क्यूँ है

अहमद शाहिद ख़ाँ

दियों से वा'दे वो कर रही थी अजीब रुत थी

अहमद सज्जाद बाबर

खोलीं वो दर किसी ने भी खोला न हो जिसे

अहमद सग़ीर सिद्दीक़ी

चराग़ उन पे जले थे बहुत हवा के ख़िलाफ़

अहमद सग़ीर सिद्दीक़ी

हैं शाख़ शाख़ परेशाँ तमाम घर मेरे

अहमद सग़ीर सिद्दीक़ी

शब ढले गुम्बद-ए-असरार में आ जाता है

अहमद रिज़वान

हम ही बदलेंगे रह-ओ-रस्म-ए-गुलिस्ताँ यारो

अहमद रियाज़

दर्द-ए-मुश्तरक

अहमद राही

पस-ए-आईना

अहमद नदीम क़ासमी

एक दरख़्वास्त

अहमद नदीम क़ासमी

ढलान

अहमद नदीम क़ासमी

दश्त-ए-वफ़ा

अहमद नदीम क़ासमी

मरूँ तो मैं किसी चेहरे में रंग भर जाऊँ

अहमद नदीम क़ासमी

कौन कहता है कि मौत आई तो मर जाऊँगा

अहमद नदीम क़ासमी

जी चाहता है फ़लक पे जाऊँ

अहमद नदीम क़ासमी

इक मोहब्बत के एवज़ अर्ज़-ओ-समा दे दूँगा

अहमद नदीम क़ासमी

अपने माहौल से थे क़ैस के रिश्ते क्या क्या

अहमद नदीम क़ासमी

अजब सुरूर मिला है मुझे दुआ कर के

अहमद नदीम क़ासमी

जिस की साँसों से महकते थे दर-ओ-बाम तिरे

अहमद मुश्ताक़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.