पर्दाफाश Poetry (page 7)

ख़राब-हाल हूँ हर हाल में ख़राब रहा

फ़ज़लुर्रहमान

ये दौर कैसा है या-इलाही कि दोस्त दुश्मन से कम नहीं है

फ़ाज़िल अंसारी

इधर भी देख ज़रा बे-क़रार हम भी हैं

फ़ज़ल हुसैन साबिर

निकला जो चिलमनों से वो चेहरा आफ़्ताबी

फ़य्याज़ फ़ारुक़ी

ख़ाली नहीं है कोई यहाँ पर अज़ाब से

फ़ारूक़ अंजुम

तुम्हारे ख़्वाब मिरे साथ साथ चलते हैं

फ़रहत अब्बास शाह

मता-ए-दर्द मआल-ए-हयात है शायद

फ़रहान सालिम

वो पूछते हैं हिज्र में है इज़्तिराब क्या

फ़ानी बदायुनी

इब्तिदा-ए-इश्क़ है लुत्फ़-ए-शबाब आने को है

फ़ानी बदायुनी

हर साँस के साथ जा रहा हूँ

फ़ानी बदायुनी

अब उन्हें अपनी अदाओं से हिजाब आता है

फ़ानी बदायुनी

उठा पर्दा तो महशर भी उठेगा दीदा-ए-दिल में

फ़ना बुलंदशहरी

लोग कहते हैं कि क़ातिल को मसीहा कहिए

फ़ैज़ुल हसन

आए कुछ अब्र कुछ शराब आए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इश्क़ की आज इंतिहा कर दो

फ़ैसल फेहमी

चार-सू है बड़ी वहशत का समाँ

फ़हमीदा रियाज़

उजाला कैसा उजाले का ख़्वाब ला न सके

एज़ाज़ अफ़ज़ल

अब सराब के चश्मे मौजज़न नहीं होते

एज़ाज़ अफ़ज़ल

राह-ए-तलब में अहल-ए-दिल जब हद-ए-आम से बढ़े

एजाज़ वारसी

मिरे मिटाने की तदबीर थी हिजाब न था

एहसान दानिश

जब रुख़-ए-हुस्न से नक़ाब उठा

एहसान दानिश

ग़म हमारा गुलाब हो जाए

दिनेश ठाकुर

मस्त हूँ मस्त हूँ ख़राब ख़राब

दाऊद औरंगाबादी

दिलबर कूँ इताब ख़ूब है ख़ूब

दाऊद औरंगाबादी

रक़्स करती है फ़ज़ा वज्द में जाम आया है

दर्शन सिंह

आसिफ़ुद्दौला का इमामबाड़ा लखनऊ

चकबस्त ब्रिज नारायण

बे-रुख़ी ने उस की कैसा ये इशारा कर दिया

बबल्स होरा सबा

ये बुत फिर अब के बहुत सर उठा के बैठे हैं

बिस्मिल अज़ीमाबादी

उन से कह दो कि इलाज-ए-दिल-ए-शैदा न करें

बिस्मिल इलाहाबादी

हिजाब दूर तुम्हारा शबाब कर देगा

बेख़ुद देहलवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.