उम्र Poetry (page 20)

अब क्या बताऊँ मैं तिरे मिलने से क्या मिला

सीमाब अकबराबादी

आ अपने दिल में मेरी तमन्ना लिए हुए

सीमाब अकबराबादी

सुनी न दश्त या दरिया की भी कभी मैं ने

सीमा शर्मा मेरठी

शिकायत

सीमा ग़ज़ल

हमारे सानेहे हम को सुना रहे क्यूँ हो

सीमा ग़ज़ल

अपनी जौलाँ-गाह ज़ेर-ए-आसमाँ समझा था मैं

सय्यद जहीरुद्दीन ज़हीर

जिगर के ख़ून से रौशन गो ये चराग़ रहा

सय्यद एजाज़ अहमद रिज़वी

तमाम उम्र जिसे आब-ए-तल्ख़ से सींचा

सय्यद सफ़ी हसन

जिस दम वो सनम सवार होवे

मोहम्मद रफ़ी सौदा

दीं शैख़ ओ बरहमन ने किया यार फ़रामोश

मोहम्मद रफ़ी सौदा

दिल ले के हमारा जो कोई तालिब-ए-जाँ है

मोहम्मद रफ़ी सौदा

ये जो मैं इतनी सहूलत से तुझे चाहता हूँ

सऊद उस्मानी

तमाम उम्र यहाँ किस का इंतिज़ार हुआ है

सऊद उस्मानी

शाम से गहरा चाँद से उजला एक ख़याल

सऊद उस्मानी

नज़रों की तरह लोग नज़ारे की तरह हम

सऊद उस्मानी

नज़र के भेद सब अहल-ए-नज़र समझते हैं

सऊद उस्मानी

कभी सराब करेगा कभी ग़ुबार करेगा

सऊद उस्मानी

इश्क़ सामान भी है बे-सर-ओ-सामानी भी

सऊद उस्मानी

''ना-गहाँ'' और ''बे-निहायत''

सत्यपाल आनंद

फ़ता-कल्लमू तअ'रफू

सत्यपाल आनंद

अगला सफ़र तवील नहीं

सत्यपाल आनंद

वो चराग़ सा कफ़-ए-रहगुज़ार में कौन था

सत्तार सय्यद

शिकोह-ए-आब में गुम थे जिहत-निशाँ मेरे

सत्तार सय्यद

कोई जवाज़ ढूँडते ख़याल ही नहीं रहा

सरवत ज़ेहरा

ख़्वाब और तमन्ना का क्या हिसाब रखना है

सरवत ज़ेहरा

फिर आस दे के आज को कल कर दिया गया

सरवत ज़ेहरा

ख़ाली ख़ाली रस्तों पे बे-कराँ उदासी है

सरवत ज़ेहरा

हर एक ख़्वाब सो गया ख़याल जागते रहे

सरवत ज़ेहरा

हर पल मैं तड़प कर दम-ए-आख़िर हुआ जाता हूँ

सरवर नेपाली

बयान क़िस्सा-ए-बेचारगी किया जाए

सरवर आलम राज़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.