रात Poetry (page 77)

ऐ मिरे ज़ख़्म-ए-दिल-नवाज़ ग़म को ख़ुशी बनाए जा

आरज़ू लखनवी

यक़ीन-ए-सुब्ह-ए-चमन है कितना शुऊर-ए-अब्र-ए-बहार क्या है

अर्शी भोपाली

उफ़ुक़ के ख़ूनीं धुँदलकों का सुब्ह नाम नहीं

अर्शी भोपाली

शौक़-ए-आवारा दश्त-ओ-दर से है

अर्शी भोपाली

मता-ए-शौक़ तो है दर्द-ए-रोज़गार तो है

अर्शी भोपाली

कारवाँ तीरा-शब में चलते हैं

अर्शी भोपाली

वीराँ वीराँ बाम-ओ-दर मैं और मिरी तन्हाई

अरशदुल क़ादरी

क़ल्ब-ओ-नज़र का सुकूँ और कहाँ दोस्तो

अरशद सिद्दीक़ी

फ़ज़ाएँ कैफ़-ए-बहाराँ से जब महकती हैं

अरशद सिद्दीक़ी

दिलों से यास-ओ-अलम के नक़ाब उतारो तो

अरशद सिद्दीक़ी

ज़िम्मेदारी

अरशद कमाल

ज़माना कुछ भी कहे तेरी आरज़ू कर लूँ

अरशद कमाल

सच की ख़ातिर सब कुछ खोया कौन लिखेगा

अरशद कमाल

किया है मैं ने ऐसा क्या कि ऐसा हो गया है

अरशद कमाल

कभी जो उस की तमन्ना ज़रा बिफर जाए

अरशद कमाल

कभी अंगड़ाई ले कर जब समुंदर जाग उठता है

अरशद कमाल

फ़िक्र सोई है सर-ए-शाम जगा दी जाए

अरशद कमाल

जाने शब को क्या सूझी थी रिंदों को समझाने आए

अरशद काकवी

फिर चंद दिनों से वो हर शब ख़्वाबों में हमारे आते हैं

अरशद काकवी

ख़त्म होता ही नहीं सिलसिला तन्हाई का

अरशद जमाल 'सारिम'

हर एक शाख़ पे वीरानियाँ मुसल्लत हैं

अरशद जमाल 'सारिम'

क्या कहूँ कितनी अज़िय्यत से निकाली गई शब

अरशद जमाल 'सारिम'

क्या कहूँ कितना फ़ुज़ूँ है तेरे दीवाने का दुख

अरशद जमाल 'सारिम'

कहाँ कहाँ से सुनाऊँ तुम्हें फ़साना-ए-शब

अरशद जमाल 'सारिम'

दो-चार सितारे ही मिरी आँख में धर जा

अरशद जमाल 'सारिम'

कोताह उम्र हो गई और ये न कम हुई

अरशद अली ख़ान क़लक़

यार के नर्गिस-ए-बीमार का बीमार रहा

अरशद अली ख़ान क़लक़

था क़स्द-ए-क़त्ल-ए-ग़ैर मगर मैं तलब हुआ

अरशद अली ख़ान क़लक़

सोते हैं फैल फैल के सारे पलंग पर

अरशद अली ख़ान क़लक़

शरफ़ इंसान को कब ज़िल्ल-ए-हुमा देता है

अरशद अली ख़ान क़लक़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.