वफ़ा Poetry (page 11)

हाल-ए-दिल-ए-तबाह किसी ने सुना कहाँ

सय्यद अमीन अशरफ़

वो बुत मुब्तला-तलब मेहर-तलब वफ़ा-तलब

सय्यद अाग़ा अली महर

वो मुझे मश्वरा-ए-तर्क-ए-वफ़ा देते थे

सय्यद आबिद अली आबिद

उन्हीं को अर्ज़-ए-वफ़ा का था इश्तियाक़ बहुत

सय्यद आबिद अली आबिद

तेरे ख़ुश-पोश फ़क़ीरों से वो मिलते तो सही

सय्यद आबिद अली आबिद

कोई बरसा न सर-ए-किश्त-ए-वफ़ा

सय्यद आबिद अली आबिद

ये क्या तिलिस्म है दुनिया पे बार गुज़री है

सय्यद आबिद अली आबिद

ये अर्ज़-ए-शौक़ है आराइश-ए-बयाँ भी तो हो

सय्यद आबिद अली आबिद

यही था वक़्फ़ तिरी महफ़िल-ए-तरब के लिए

सय्यद आबिद अली आबिद

वाइज़-ए-शहर ख़ुदा है मुझे मा'लूम न था

सय्यद आबिद अली आबिद

नग़्मा ऐसा भी मिरे सीना-ए-सद-चाक में है

सय्यद आबिद अली आबिद

कहो बुतों से कि हम तब्अ सादा रखते हैं

सय्यद आबिद अली आबिद

जो भी मिंजुमला-ए-आशुफ़्ता सरा होता है

सय्यद आबिद अली आबिद

हम बिन ग़म-ए-यार भी जिए हैं

सय्यद आबिद अली आबिद

गुलों की ख़ूँ-शुदगी को शगुफ़्तगी न समझ

सय्यद आबिद अली आबिद

ग़म-ए-दौराँ ग़म-ए-जानाँ का निशाँ है कि जो था

सय्यद आबिद अली आबिद

गर्दिश-ए-जाम नहीं रुक सकती

सय्यद आबिद अली आबिद

दिन ढला शाम हुई फूल कहीं लहराए

सय्यद आबिद अली आबिद

सती

सुरूर जहानाबादी

पदमनी

सुरूर जहानाबादी

बुलबुल ओ परवाना

सुरूर जहानाबादी

वो बे-रुख़ी कि तग़ाफ़ुल की इंतिहा कहिए

सुरूर बाराबंकवी

चमन में लाला-ओ-गुल पर निखार भी तो नहीं

सुरूर बाराबंकवी

सो उस को छोड़ दिया उस ने जब वफ़ा नहीं की

सुल्तान सुकून

सो उस को छोड़ दिया उस ने जब वफ़ा नहीं की

सुल्तान सुकून

तेरी याद में रोते रोते तुझ जैसा हो जाएगा

सुलतान सुबहानी

लिख रहा हूँ हर्फ़-ए-हक़ हर्फ़-ए-वफ़ा किस के लिए

सुलतान रशक

जो कश्मकश थी तिरा इंतिज़ार करते हुए

सुलतान निज़ामी

क्यूँ मेरे दुख चुनते हो

सुलेमान ख़ुमार

तुम्हारी क़ैद-ए-वफ़ा से जो छूट जाऊँगा

सुलैमान अरीब

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.